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राजनांदगांव : सेवारत शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग…

राजनांदगांव : सेवारत शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग…

राजनांदगांव : सेवारत शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग…

राजनांदगांव , टीईटी की अनिवार्यता खत्म करने की मांग पर छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन और प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने सांसद संतोष पांडे से मुलाकात कर दस्तावेज सौंपे। राजेश चटर्जी, सतीश ब्यौहरे, मनीष मिश्रा ने शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, टीईटी अनिवार्यता खत्म करने के पक्ष में साक्ष्य रखे। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि टीईटी अनिवार्यता से देश के 30 लाख शिक्षक और उनके परिवार मानसिक पीड़ा में हैं। शिक्षकों की योग्यता सिर्फ टीईटी परीक्षा से न आंकी जाए। लंबे अनुभव को भी महत्व मिले।

सांसद से मामला संसद में उठाने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि संसद में अध्यादेश लाकर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को पलटा जा सकता है। इससे 30 लाख शिक्षकों और उनके परिवारों को राहत मिलेगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से देश के लाखों शिक्षकों को नुकसान होगा। नौकरी जाने की चिंता में शिक्षक ईमानदारी से कैसे पढ़ाएंगे।

भय के माहौल में शिक्षा की गुणवत्ता नहीं आएगी। सांसद संतोष पांडे ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी से मुलाकात कराने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में राजेश चटर्जी, मनीष मिश्रा, सतीश ब्यौहरे, पीआर झाड़े, रमेश कुमार साहू, वीरेंद्र कुमार रंगारी, ओमप्रकाश साहू, ललित प्रताप सिंह, बंदीशनेम पांडे, अमीन कुरैशी, सोनेश्री पाटिल, रोशन साहू, सूरज प्रसाद शर्मा, डीसम प्रसाद तिवारी, सुधांशु सिंह, उत्तम डडसेना, थंगेश्वर साहू, चंचल कुमार द्विवेदी, लक्ष्मीकांत तिवारी, हरिशंकर देवांगन सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

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