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CG : गड्ढों से बचने के चक्कर में रॉन्ग साइड जा रहे वाहन, अंबिकापुर-प्रतापपुर मार्ग पर हादसों का खतरा …

CG : गड्ढों से बचने के चक्कर में रॉन्ग साइड जा रहे वाहन, अंबिकापुर-प्रतापपुर मार्ग पर हादसों का खतरा …

CG : गड्ढों से बचने के चक्कर में रॉन्ग साइड जा रहे वाहन, अंबिकापुर-प्रतापपुर मार्ग पर हादसों का खतरा …

सूरजपुर (प्रतापपुर)। अंबिकापुर-प्रतापपुर मुख्य मार्ग पर बकी नदी पुल के आसपास सड़क की बदहाल स्थिति राहगीरों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढों के कारण वाहन चालकों को अपनी लेन में चलना मुश्किल हो रहा है। गड्ढों से बचने के प्रयास में कई बार चालक अचानक वाहन की दिशा बदलकर सड़क के दूसरे हिस्से या रांग साइड की ओर चले जाते हैं। इससे सामने से आने वाले वाहनों के साथ दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

बकी नदी पुल के आसपास सड़क के कई हिस्सों में गड्ढे हो गए हैं। सबसे ज्यादा परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है। अचानक सामने गड्ढा दिखाई देने पर चालक उसे बचाने के लिए वाहन मोड़ देते हैं। ऐसे में पीछे या सामने से आ रहे वाहन से टक्कर होने की आशंका बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की स्थिति इतनी खराब है कि कई स्थानों पर वाहन चालकों को मजबूरी में अपनी लेन छोड़नी पड़ रही है। 22 सितंबर को दो लोग हुए घायल

22 सितंबर को अंबिकापुर से वाड्रफनगर की ओर जा रहे दो व्यक्ति बकी नदी पुल के पास सड़क की खराब स्थिति के बीच गिरकर घायल हो गए। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने उनकी मदद की और प्राथमिक उपचार के लिए प्रतापपुर भेजा। इस घटना के बाद सड़क पर बने गड्ढों और उनसे बढ़ रहे दुर्घटना के खतरे को लेकर स्थानीय लोगों की चिंता और बढ़ गई है। 42 किलोमीटर सड़क के लिए 24.59 करोड़ की स्वीकृति जानकारी के अनुसार अंबिकापुर-प्रतापपुर मार्ग के करीब 42 किलोमीटर हिस्से के डामरीकरण के लिए 24.59 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। इसके बावजूद बारिश का मौसम लगभग समाप्त होने के बाद भी सड़क के कई हिस्सों में गड्ढे बने हुए हैं। नियमित रूप से इस मार्ग से आवागमन करने वाले लोगों को अब डामरीकरण कार्य शुरू होने का इंतजार है।

बारिश में पानी अब धूल बनी परेशानी बारिश के दौरान सड़क के गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता था। पानी भरे गड्ढों में वाहन उतरने से संतुलन बिगड़ने और गिरने का खतरा बना रहता था। अब बारिश कम होने के बाद जर्जर सड़क से उड़ने वाली धूल और डस्ट नई परेशानी बन गई है। अंबिकापुर से प्रतापपुर होते हुए वाड्रफनगर सहित आसपास के क्षेत्रों को जोड़ने वाला यह महत्वपूर्ण मार्ग है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन यहां से गुजरते हैं। सड़क की खराब स्थिति के कारण न केवल आवागमन प्रभावित हो रहा है, बल्कि दुर्घटना का जोखिम भी बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से सड़क की स्थिति का निरीक्षण कर दुर्घटना संभावित स्थानों पर तत्काल आवश्यक व्यवस्था करने की मांग की है। साथ ही स्वीकृत डामरीकरण कार्य जल्द शुरू कराने की मांग की गई है, ताकि लोगों को गड्ढों और धूल की समस्या से राहत मिल सके और मार्ग पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके।

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