राजनांदगांव , शहर के स्टेशन पारा और गौरीनगर रेलवे क्रॉसिंग पर अंडरब्रिज बनाने के लिए रास्ते बंद हुए तो लोगों को लगा था कि कुछ समय की परेशानी के बाद स्थायी राहत मिल जाएगी। लेकिन करीब तीन साल बाद भी दोनों अंडरब्रिज पूरी तरह शुरू नहीं हो सके हैं। स्टेशन पारा में करीब 14 करोड़ रुपए की लागत से अंडरब्रिज बनाने के लिए 2 मार्च 2023 को रेलवे क्रॉसिंग बंद की गई थी। इसके बाद ओवरब्रिज पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ा और लगातार जाम की स्थिति बनने लगी। इस दौरान हादसों में कई लोग घायल हुए, जबकि कुछ युवकों की मौत भी हो चुकी है।
दोनों जगह अंडरब्रिज का ज्यादातर निर्माण पूरा हो चुका है। जमीन के नीचे कांक्रीट की सुरंग भी तैयार है, लेकिन इसे रेलवे ट्रैक के नीचे पुशिंग कर जोड़ने का काम बाकी है। इसके लिए ट्रैक पर ब्लॉक लेना जरूरी है। ब्लॉक की अनुमति के लिए रेल मंत्रालय को पत्र भेजा गया है। कुछ सप्ताह पहले ही गौरीनगर अंडर ब्रिज के पानी में डूबकर एक युवक ने जान भी दे दी थी। वहीं एक युवक को आत्महत्या के प्रयास करते समय रोका गया। बारिश पूरी तरह थमने के बाद तेज होगा काम ^ फिलहाल अंडरब्रिज में पानी भरा हुआ है। बारिश पूरी तरह से थमने के बाद इसके काम में तेजी लाने की कार्यवाही शुरू कर दी जाएगी। पहली प्राथमिकता से इसका निर्माण शुरू किया जाएगा। -फैजान अशरफी, पीआरओ, नागपुर डिवीजन
स्टेशन पारा में शुरुआत में काम तेजी से चला, लेकिन बिजली, इंटरनेट और सिग्नल की केबल निर्माण क्षेत्र में आने से मशीनों से काम रोककर मजदूरों के जरिए काम कराना पड़ा। इसके बाद निर्माणाधीन अंडरब्रिज से लगे ओवरब्रिज के बेस को सुरक्षित रखते हुए ड्रिलिंग कर कांक्रीट की दीवार खड़ी की गई। बारिश के दौरान करीब दो साल तक पानी भरने से भी काम प्रभावित रहा। गौरीनगर में भी अंडरब्रिज के लिए भूमि पूजन के बाद काम शुरू हुआ, लेकिन निर्माण क्षेत्र में निगम की पाइपलाइन आने से पहले उसे शिफ्ट करना पड़ा। कुछ समय बाद पाइपलाइन को फिर करीब दो फीट हटाया गया। इन बदलावों के कारण भी निर्माण की गति प्रभावित हुई।
तीन माह पहले आंदोलन, अक्टूबर में काम का भरोसा पटरी पार रहने वाले लोगों ने निर्माण में तेजी लाने की मांग को लेकर तीन माह पहले कई बार आंदोलन किया था। तब बारिश खत्म होने के बाद अक्टूबर में काम शुरू करने का आश्वासन दिया गया था। अभी बारिश जारी है और अक्टूबर में काम शुरू करने के लिए मौके पर कोई खास तैयारी नजर नहीं आ रही है। ऐसे में लोगों की चिंता फिर बढ़ गई है कि कहीं अंडरब्रिज का काम और आगे न खिंच जाए।
अस्थायी से स्थायी डिवाइडर लगाया फिर भी राहत नहीं अंडरब्रिज निर्माण के दौरान खैरागढ़ रोड में चिखली ओवरब्रिज पर बढ़े यातायात को संभालने के लिए पहले अस्थायी डिवाइडर लगाया गया। बाद में करीब 3 लाख रुपए की लागत से स्थायी डिवाइडर बनाया गया। इसके बावजूद ओवरब्रिज पर रोज जाम की स्थिति बन रही है। पीक टाइम में वाहनों की लंबी कतार लगती है। ट्रैफिक दबाव के बीच लगातार हादसे हो रहे हैं। लोगों को राहत नहीं मिल रही है।

