बालोद। जिले के आदिवासी विकासखंड डौंडी स्थित एकलव्य आवासीय परिसर में 10वीं कक्षा के छात्र विनय कुमार की आत्महत्या मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। सोमवार को मृतक छात्र के परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। परिजनों ने आरोप लगाया कि रैगिंग और प्रताड़ना से परेशान होकर छात्र ने आत्मघाती कदम उठाया। परिजनों ने हॉस्टल प्रबंधन, वार्डन और संबंधित जिम्मेदार लोगों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। इस दौरान डौंडीलोहारा विधायक अनिला भेड़िया और गुंडरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद भी ग्रामीणों के समर्थन में कलेक्ट्रेट पहुंचे।
पिटी के बाद कमरे में मिली थी छात्र की लाश
जानकारी के अनुसार, 14 सितंबर की सुबह एकलव्य आवासीय परिसर के सभी बच्चे पिटी करने गए थे। पिटी खत्म होने के बाद जब छात्र वापस अपने कमरे में पहुंचे तो 10वीं कक्षा के छात्र विनय कुमार को फांसी के फंदे से लटका हुआ पाया गया। घटना की जानकारी तुरंत शिक्षकों को दी गई। इसके बाद पुलिस और परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और शव को फंदे से नीचे उतारा गया। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी थी।
सीनियर छात्रों पर रैगिंग का आरोप
कलेक्ट्रेट पहुंचे परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि विनय कुमार को सीनियर छात्रों द्वारा परेशान किया जा रहा था। परिजनों का कहना है कि 9 सितंबर को छात्र के साथ मारपीट भी की गई थी, जिसका सीसीटीवी फुटेज होने का दावा किया गया है। परिजनों ने आरोप लगाया कि इस घटना की जानकारी होने के बाद भी हॉस्टल वार्डन और प्रिंसिपल ने गंभीरता नहीं दिखाई। उनका कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई होती तो छात्र की जान बचाई जा सकती थी।
वार्डन और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने कलेक्टर कार्यालय के सामने बैठकर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। कुछ समय बाद कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा और एसपी किरण गंगाराम चौहान मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। अधिकारियों ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। साथ ही तत्काल हॉस्टल वार्डन को वहां से हटाकर अटैच करने की बात कही गई। आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीण और दोनों विधायक वहां से हटे।
मोबाइल और नशीले पदार्थों को लेकर भी उठे सवाल
मामले में यह भी सामने आया है कि मृतक छात्र फोन पर किसी महिला मित्र से बातचीत करता था। परिजनों ने इस बात की पुष्टि की है कि छात्र कुछ दिनों से किसी महिला मित्र से बात करता था। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि छात्र के पास हॉस्टल परिसर में मोबाइल कैसे पहुंचा और नियमों के उल्लंघन पर क्या कार्रवाई की गई थी। इसके अलावा एकलव्य आवासीय परिसर के अंदर नशीले पदार्थों के सेवन के आरोप भी लगाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो बच्चों के भविष्य पर असर पड़ सकता है।
पुलिस कर रही मामले की जांच
एसपी किरण गंगाराम चौहान ने बताया कि पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच की जा रही है। रैगिंग के आरोप, नशीले पदार्थों के सेवन और अन्य सभी पहलुओं को जांच में शामिल किया गया है। वहीं कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने परिजनों को आश्वासन दिया है कि मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस छात्र की मौत से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

