अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर जिलेभर के किसान 5 अक्टूबर को दाम सत्याग्रह करने राजधानी रवाना होंगे। जिला किसान संघ के प्रमुख सुदेश टीकम ने बताया गांवों में बैठकों का दौर जारी है, किसानों से आंदोलन में शामिल होने संपर्क किया जा रहा है। वर्ष 2026-27 में धान खरीदी 3358 प्रति क्विंटल की दर से करने, 2024-25 की धान अंतर की राशि 117 रुपए प्रति क्विंटल देने, लंबित अंतर की राशि186 रुपए प्रति क्विंटल खातों में जमा करने, राजीव गांधी किसान न्याय योजना की बकाया चौथी किस्त की मांग, उपज का सुनिश्चित मूल्य दिलाने, समर्थन मूल्य गारंटी कानून बनाने की मांग शामिल है।
छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी संघ और छत्तीसगढ़ समर्थन मूल्य धान खरीदी कंप्यूटर ऑपरेटर संघ के कर्मचारी भारतीय मजदूर संघ के आह्वान पर आंदोलन में शामिल हुए। धान खरीदी में सुखत का प्रावधान करने, समर्थन मूल्य धान खरीदी कंप्यूटर ऑपरेटर को 12 माह का वेतन देने, विभाग में नियमित करने, मध्य प्रदेश की तर्ज पर सभी समितियों को तीन-तीन लाख रुपए प्रबंधकीय अनुदान देने, सेवा नियम में आवश्यक संशोधन कर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में होने वाली भर्तियों में 50 प्रतिशत सभी पदों पर विभागीय भर्ती की मांग पर प्रदर्शन किया। मांग प्रदेश महासचिव ईश्वर श्रीवास ने रखी।
खरीदी शुरू होने से पहले मांगों पर प्रदर्शन नवंबर में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने से पहले किसान और समिति कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को मनवाने में जुट गए है। किसानों का दाम सत्याग्रह चरणबद्ध ढंग से लगातार जारी है। वहीं अब सहकारी समिति कर्मचारी अपनी मांगों को दोहरा रहे हैं। उन्होंने विगत वर्ष भी इसी तरह प्रदर्शन किया था जिसमें प्रदेश के साथ जिले के आधा दर्जन समिति प्रबंधकों, कर्मचारियों को निलंबित और बर्खास्त करने की कार्रवाई की गई थी। उनका प्रभार छिन लिया गया। बाद में उनकी बहाली कर दी गई थी।

