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CG : गांवों में भालुओं की दहशत, सात घरों के दरवाजे तोड़े …

CG : गांवों में भालुओं की दहशत, सात घरों के दरवाजे तोड़े …

CG : गांवों में भालुओं की दहशत, सात घरों के दरवाजे तोड़े …

कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के अलग-अलग गांवों में इन दिनों भालुओं की आवाजाही से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। नरहरपुर वन परिक्षेत्र के ग्राम लारगांव में रविवार देर रात भालुओं ने सात घरों के दरवाजे क्षतिग्रस्त कर दिए। वहीं, इससे एक रात पहले कांकेर वन परिक्षेत्र के ग्राम सातलोर में एक मादा भालू अपने दो शावकों के साथ पहुंच गई। मादा भालू शहद की तलाश में पानी की टंकी पर चढ़ गई, जबकि उसके दोनों शावक रातभर गांव की गलियों में घूमते रहे। लारगांव में रविवार देर रात अचानक भालुओं के पहुंचने से ग्रामीणों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। बताया जा रहा है कि भोजन और पानी की तलाश में भालू गांव की बस्ती तक पहुंच गए थे। इस दौरान उन्होंने सात घरों के दरवाजों को नुकसान पहुंचाया। रिहायशी इलाके में भालुओं की लगातार आवाजाही से ग्रामीणों में डर का माहौल है। खासकर रात के समय लोग घरों से बाहर निकलने से भी बच रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, जंगल क्षेत्र से निकलकर भालू लगातार भोजन और पानी की तलाश में बस्तियों की ओर पहुंच रहे हैं। लारगांव में हुई घटना के दौरान कुछ लोगों ने भालुओं की गतिविधियों को मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड किया।

बताया जा रहा है कि वीडियो में भालुओं को गांव के आसपास घूमते हुए देखा गया है। घटना के बाद ग्रामीणों में अपने घरों और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। लारगांव की घटना से एक दिन पहले कांकेर वन परिक्षेत्र के ग्राम सातलोर में भी भालुओं की मौजूदगी ने लोगों को डरा दिया था। शनिवार और रविवार की दरमियानी रात एक मादा भालू अपने दो शावकों के साथ गांव में पहुंची। बताया गया कि गांव में लगे मधुमक्खी के छत्ते से शहद खाने के प्रयास में मादा भालू पानी की टंकी पर चढ़ गई। मादा भालू के पानी की टंकी पर चढ़ने के बाद ग्रामीणों की नजर उस पर पड़ी। लोगों ने सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए पूरी घटना का वीडियो मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किया। इस दौरान मादा भालू के साथ आए दोनों शावक गांव की गलियों में घूमते रहे। रातभर गांव में भालुओं की मौजूदगी से ग्रामीणों के बीच भय का माहौल बना रहा।

ग्रामीणों ने घटना की जानकारी वन विभाग को दी। इसके बाद विभाग को मौके की स्थिति के बारे में बताया गया। लोगों का कहना है कि भालुओं के बस्तियों में आने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे ग्रामीणों को रात के समय विशेष सतर्कता बरतनी पड़ रही है। कांकेर जिले के इन दोनों गांवों में भालुओं की आवाजाही ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की चिंता को भी बढ़ाया है। एक तरफ जंगल के आसपास रहने वाले लोगों को अपनी सुरक्षा की चिंता है, वहीं दूसरी तरफ भोजन और पानी की तलाश में वन्यजीवों के आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंचने की घटनाएं सामने आ रही हैं।

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