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Delhi-Mumbai Expressway पर सुरक्षा का नया प्लान, पुलिस सहायता केंद्र के साथ ड्रोन से रखी जाएगी नजर

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झाबुआ
देश के सबसे महत्वाकांक्षी और आधुनिक सड़क प्रोजेक्ट्स में से एक 'दिल्ली-मुंबई 8-लेन एक्सप्रेस-वे' पर सफर को सुरक्षित बनाने के लिए मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले की पुलिस ने कमर कस ली है। जिले से होकर गुजरने वाले इस हाई-स्पीड एक्सप्रेस-वे पर हाल ही में असामाजिक तत्वों द्वारा पत्थरबाजी और अनाधिकृत वाहनों के प्रवेश के कारण दुर्घटनाओं की खबरें सामने आई थीं। घटनाओं को बेहद गंभीरता से लेते हुए झाबुआ पुलिस ने एक व्यापक 'एक्शन प्लान' तैयार कर उसे धरातल पर लागू कर दिया है। पुलिस का यह प्लान न केवल तकनीकी निगरानी पर आधारित है। बल्कि इसमें स्थानीय ग्रामीणों की जनसहभागिता को भी प्रमुखता दी गई है।

नया पुलिस सहायता केंद्र
यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उपद्रवियों में खौफ पैदा करने के लिए कुकड़ीपाड़ा-तलावड़ा रेस्ट एरिया (विश्राम क्षेत्र) में एक नया पुलिस सहायता केन्द्र शुरू कर दिया है। इस केंद्र पर सुरक्षा की कमान उप निरीक्षक गोविंद भामदरे को सौंपी है। इनके साथ 2 पुलिस आरक्षक और विशेष सशस्त्र बल के 4 हथियारबंद जवानों को 24 घंटे तैनात किया है।

ड्रोन से हाई-टेक निगरानी
अंधेरे का फायदा उठाकर पत्थरबाजी करने वालों पर नजर रखने के लिए पुलिस अब हाई-टेक संसाधनों का इस्तेमाल कर रही है। सभी 22 गांवों और संवेदनशील क्षेत्रों में अब ड्रोन से आसमान से निगरानी की जा रही है। साथ ही, पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया के लिए अतिरिक्त चार पहिया वाहन उपलब्ध कराए गए हैं, जो रात भर एक्सप्रेस-वे पर पेट्रोलिंग कर रहे हैं।

50 किमी के दायरे में 22 संवेदनशील गांव
दिल्ली-मुंबई 8-लेन एक्सप्रेस-वे झाबुआ जिले में गुजरात सीमा से लेकर माही नदी तक लगभग 50 किलोमीटर की लंबाई में फैला है। यह महत्वपूर्ण मार्ग जिले के दो प्रमुख थाना क्षेत्रों थाना थांदला और थाना काकनवानी के अंतर्गत आने वाले लगभग 22 गांवों से होकर गुजरता है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि एक्सप्रेस-वे पर असामाजिक तत्वों द्वारा विशेष रूप से शाम 06 बजे से लेकर मध्य रात्रि 12 बजे के बीच पत्थरबाजी की घटनाएं को अंजाम दिया जाता है। इसके अलावा, एक्सप्रेस-वे पर स्थानीय लोगों द्वारा दोपहिया वाहनों, तिपहिया वाहनों और मवेशियों के अनधिकृत प्रवेश के कारण भी कई गंभीर दुर्घटनाएं होने का अंदेशा बना रहता है।

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