बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में महिला की हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने बुधवार को अहम फैसला सुनाया। अदालत ने आरोपी नेमीचंद साहू उर्फ नेमू को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले में पुलिस की वैज्ञानिक, तकनीकी और मैदानी जांच महत्वपूर्ण साबित हुई। मृतका के हाथ पर बने अंग्रेजी अक्षरों “K.K.” के टैटू ने उसकी पहचान स्थापित करने और जांच को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। अभियोजन के अनुसार, थाना डौंडी लोहारा में अपराध क्रमांक 19/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और 238 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था। घटना 16 जनवरी 2026 की है। आरोपी नेमीचंद साहू उर्फ नेमू (29) ने ग्राम गुरमी स्थित नाला भेंजरा पठार के पास कमला बाई राजपूत की हत्या कर दी थी।
आरोप के मुताबिक आरोपी ने महिला के सिर और चेहरे पर पत्थर से हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी ने वारदात से जुड़े साक्ष्यों को मिटाने का भी प्रयास किया। शव को पत्थरों से ढक दिया गया था। इसके अलावा आरोपी ने खून से सने अपने कपड़ों को साफ करने की कोशिश की और मृतका का मोबाइल फोन तोड़ दिया था, ताकि पुलिस को घटना से जुड़ा कोई सुराग न मिल सके। घटना सामने आने के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती मृतका की पहचान करना थी। शव की पहचान तत्काल नहीं हो सकी थी। इसी दौरान पुलिस की नजर मृतका के हाथ पर बने अंग्रेजी अक्षरों “K.K.” के टैटू पर पड़ी। पुलिस ने इस निशान को अहम सुराग माना और इसके आधार पर मृतका की पहचान के प्रयास तेज किए।
तकनीकी जांच और मैदानी स्तर पर लगातार जानकारी जुटाने के बाद मृतका की पहचान बालोद के ग्राम पाररास निवासी कमला राजपूत के रूप में हुई। महिला की पहचान स्पष्ट होने के बाद जांच की दिशा आगे बढ़ी। पुलिस ने उसके परिचितों, संपर्कों और घटना से पहले की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक मुकेश सिंह ने थाना पुलिस और साइबर सेल की टीम को जांच के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और वहां से भौतिक तथा परिस्थितिजन्य साक्ष्य एकत्र किए।
जांच में तकनीकी साक्ष्यों, वैज्ञानिक तरीकों और मैदानी विवेचना का सहारा लिया गया। पुलिस ने अलग-अलग कड़ियों को जोड़ते हुए आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की। जांच के दौरान घटना में इस्तेमाल किया गया पत्थर, आरोपी के खून से सने कपड़े, हीरो डीलक्स मोटरसाइकिल, मृतका का टूटा हुआ मोबाइल फोन और चूड़ियां बरामद की गईं। पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य जुटाने के बाद 26 जनवरी 2026 को आरोपी नेमीचंद साहू को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ और अन्य कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पुलिस द्वारा जुटाए गए वैज्ञानिक, तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को अदालत के सामने रखा।
दोनों पक्षों की दलीलें और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद बालोद जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया। अदालत ने नेमीचंद साहू को महिला की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस पूरे मामले में मृतका के हाथ पर बना “K.K.” टैटू जांच की शुरुआती और महत्वपूर्ण कड़ी बना। इसी सुराग से पुलिस मृतका की पहचान तक पहुंची और इसके बाद पूरे घटनाक्रम की परतें खुलती गईं। वैज्ञानिक और तकनीकी जांच के साथ जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला मजबूत हुआ और न्यायालय ने उसे दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।

