Site icon

CG मौसम: मानसून लौटने के बाद भी छत्तीसगढ़ में बारिश की संभावना, गरज-चमक के साथ गिर सकती है बिजली …

CG मौसम: मानसून लौटने के बाद भी छत्तीसगढ़ में बारिश की संभावना, गरज-चमक के साथ गिर सकती है बिजली …

CG मौसम: मानसून लौटने के बाद भी छत्तीसगढ़ में बारिश की संभावना, गरज-चमक के साथ गिर सकती है बिजली …

रायपुर: मानसून रायपुर से विदा हो चुका है, मगर मानसून द्रोणिका छत्तीसगढ़ से पूरी तरह रवाना नहीं हुई है. दिन में तेज धूप निकलने से राज्य में गर्मी का असर बना हुआ है. मौसम विभाग के मुताबिक, सोमवार को राजधानी रायपुर में तेज धूप वाला मौसम रहने वाला है. तापमान में एक डिग्री का इजाफा भी हो सकता है. प्रदेश के अधिकतर इलाकों में सोमवार को मौसम साफ रहने, जबकि कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना जताई है. रायपुर में लोगों को दिन-रात गर्मी का अहसास हो रहा है. सोमवार को मौसम साफ रहने की संभावना है. रविवार के मुकाबले अधकितम तापामान आज एक डिग्री अधिक यानी 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के करीब रहने के आसार हैं.

बात करें प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान रहने वाले मौसम की तो अधिकतर स्थानों पर शुष्क रहा और एक-दो जगहों पर हल्की बारिश हुई. प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस राजनन्दगांव में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 17.8 डिग्री सेल्सियस अम्बिकापुर में दर्ज किया गया. मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 2 दिनों तक अधिकांश स्थानों पर मौसम के शुष्क रहने की संभावना है. इसके बाद एक-दो स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की वर्षा हो सकती है. प्रदेश में रविवार को दुर्ग 33.4 डिग्री सेल्सियस, जगदलपुर 33.2 डिग्री सेल्सियस, माना 32.9 डिग्री सेल्सियस, बिलासपुर 32. 4 डिग्री सेल्सियस, पेंड्रारोड 31.4 डिग्री सेल्सियस और अंबिकापुर 31 डिग्री सेल्सियस रहा.

मौसम विभाग ने आज यानी सोमवार को प्रदेश में एक-दो स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की वर्षा होने की संभावना जताई है. वहीं कुछ जगहों पर बादल गरजने-चमकने के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किमी की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं. दो दिन बाद इसी तरह की गतिविधियां जारी रह सकती हैं. मौसम विभाग ने जानकारी दी कि सुपौल, रांची, सुंदरगढ़, बरगढ़, बीजापुर, हैदराबाद, बेलगावी, पणजी से होकर दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी की रेखा गुजर रही है. अगले 2 दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी के लिए स्थितियां अनुकूल बन सकती हैं. इसके अतिरिक्त उत्तर-पश्चिम राजस्थान से उत्तर-पूर्व मध्य प्रदेश तक द्रोणिका बना हुआ है.

Exit mobile version