मनीष त्रिपाठी पत्रकार
▪️ थाना सुपेला एवं खुर्सीपार तथा एसीसीयू की संयुक्त कार्रवाई में साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में उपयोग किए जा रहे बैंक खातों से संबंधित कुल 07 आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई।
▪️ जांच में सामने आया कि आरोपी 5,000 से 15,000 रुपये तक के कमीशन के लालच में अपने बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज एवं सिम कार्ड अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराते थे।
▪️ उक्त खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि के हस्तांतरण एवं लेन-देन के लिए किया गया, जिनमें लाखों रुपये से अधिक के संदिग्ध लेन-देन सामने आए।
▪️ थाना सुपेला क्षेत्र के फेडरल बैंक एवं उत्कर्ष बैंक से संबंधित 02 तथा थाना खुर्सीपार क्षेत्र के इंडियन बैंक से संबंधित 05 खाताधारकों के विरुद्ध दिनांक 14.10.2026 को कार्रवाई की गई।
▪️ कार्रवाई के दौरान पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड, मोबाइल फोन एवं अन्य दस्तावेज जप्त किए गए। दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से बैंक खाते एवं वित्तीय दस्तावेज किसी अन्य व्यक्ति को उपलब्ध नहीं कराने की अपील की है।
मुख्य बिंदु
पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार साइबर अपराधों में म्यूल बैंक खातों के उपयोग पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत दुर्ग पुलिस ने थाना सुपेला, थाना खुर्सीपार एवं एसीसीयू के माध्यम से कार्रवाई की। बैंक खातों के विश्लेषण, तकनीकी साक्ष्यों एवं विवेचना के आधार पर 07 खाताधारकों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई। जांच में सामने आया कि कमीशन के बदले उपलब्ध कराए गए बैंक खातों का उपयोग साइबर ठगी की रकम के लेन-देन एवं हस्तांतरण में किया गया।
संक्षिप्त विवरण
साइबर अपराधों में ठगी की रकम को विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से स्थानांतरित करने तथा उसकी पहचान छिपाने के लिए म्यूल बैंक खातों का उपयोग किया जाता है। ऐसे मामलों में खाताधारकों की भूमिका की जांच करते हुए दुर्ग पुलिस द्वारा विशेष अभियान के तहत कार्रवाई की गई।
विवेचना के दौरान प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित खाताधारकों ने कमीशन अथवा अन्य आर्थिक लाभ के लालच में अपने बैंक खातों से संबंधित पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक तथा सिम कार्ड अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराए थे। जांच में यह भी सामने आया कि इन खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि के लेन-देन एवं हस्तांतरण के लिए किया गया तथा संबंधित खातों में लाखों रुपये से अधिक के लेन-देन पाए गए।
प्राप्त तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों के विश्लेषण एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर दिनांक 14.10.2026 को थाना सुपेला क्षेत्र के 02 तथा थाना खुर्सीपार क्षेत्र के 05 खाताधारकों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। प्रकरण थाना सुपेला के अपराध क्रमांक 1321/2026 एवं 1324/2026 तथा थाना खुर्सीपार के अपराध क्रमांक 272/2026, धारा 318(2), 318(3) एवं 317(4) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के अंतर्गत दर्ज हैं।
मॉडस ऑपरेंडी (अपराध करने का तरीका)
आरोपी कथित रूप से कमीशन के लालच में अपने बैंक खातों से संबंधित पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक एवं सिम कार्ड अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराते थे। इन खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को प्राप्त करने तथा विभिन्न खातों में स्थानांतरित करने के लिए किया जाता था। जांच में संबंधित खातों में लाखों रुपये से अधिक के लेन-देन पाए गए हैं।
घटना स्थल
- थाना सुपेला क्षेत्र: फेडरल बैंक एवं उत्कर्ष बैंक से संबंधित खातों के मामले।
- थाना खुर्सीपार क्षेत्र: इंडियन बैंक से संबंधित खातों के मामले।
आरोपी का नाम
थाना सुपेला क्षेत्र – 02 आरोपी
- शुभम चौधरी, उम्र 22 वर्ष, निवासी सुभाष नगर, नंदिनी रोड, छावनी, थाना छावनी, जिला दुर्ग।
- गुरमीत कौर, पता कृपाल नगर, कोहका, थाना सुपेला, जिला दुर्ग। उम्र एवं अन्य विवरण उपलब्ध नहीं।
थाना खुर्सीपार क्षेत्र – 05 आरोपी
- तरुण नायक, उम्र 40 वर्ष, निवासी क्वार्टर नंबर 4-ए, सड़क नंबर 8, जोन-1, खुर्सीपार, थाना खुर्सीपार, जिला दुर्ग।
- निखिल नेताम, उम्र 22 वर्ष, निवासी एसटीएफ कॉलोनी, बघेरा, थाना दुर्ग, जिला दुर्ग।
- यसमीत सिंह, उम्र 22 वर्ष, निवासी शिवाजी नगर, खुर्सीपार, थाना खुर्सीपार, जिला दुर्ग।
- गौरव साहू, उम्र 23 वर्ष, निवासी शंकर नगर, सद्भावना चौक, थाना मोहन नगर, जिला दुर्ग।
- नरगिस, पता मछली मार्केट, जोन-2, खुर्सीपार, जिला दुर्ग। उम्र एवं थाना संबंधी विवरण की पुष्टि अपेक्षित।
जप्त सामग्री
- बैंक पासबुक।
- एटीएम कार्ड।
- चेकबुक।
- सिम कार्ड।
- मोबाइल फोन।
- अन्य संबंधित दस्तावेज।
सराहनीय कार्य
उक्त कार्रवाई में थाना सुपेला, थाना खुर्सीपार एवं एसीसीयू दुर्ग की टीमों की भूमिका रही। बैंक खातों के लेन-देन का विश्लेषण, तकनीकी साक्ष्यों का संकलन तथा संबंधित खाताधारकों की पहचान कर वैधानिक कार्रवाई की गई। संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों के नाम उपलब्ध होने पर इस खंड में जोड़े जा सकते हैं।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी व्यक्ति को कमीशन या आर्थिक लाभ के लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक अथवा मोबाइल सिम कार्ड उपयोग के लिए उपलब्ध न कराएं। ऐसे खातों का उपयोग साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में किया जा सकता है, जिससे खाताधारक भी कानूनी जांच एवं कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।
यदि आपके बैंक खाते अथवा वित्तीय दस्तावेजों का किसी अन्य व्यक्ति द्वारा दुरुपयोग किया जा रहा है, तो तत्काल संबंधित बैंक, नजदीकी पुलिस थाना अथवा साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें। साइबर अपराध की शिकायत आधिकारिक पोर्टल https://cybercrime.gov.in पर भी दर्ज की जा सकती है। शिकायत की पावती एवं संबंधित साक्ष्य सुरक्षित रखें।
दुर्ग पुलिस — साइबर अपराधों की रोकथाम, नागरिकों की वित्तीय सुरक्षा एवं कानून के प्रभावी पालन के लिए प्रतिबद्ध।

