इंदौर
पुलिस विभाग में प्रधान आरक्षक (चालक) के पद पर पदस्थ फिरोज खान की संपत्तियों का ब्योरा देख कर लोकायुक्त अफसर चौक गए। इंदौर से देवास तक करीब 15 ठिकानों पर हुई सर्च में 30 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति मिली है। देर रात तक चली सर्च में मकान, फ्लैट, भूखंड, कृषि भूमि और कारोबारी निवेश से जुड़े दस्तावेज खंगाले गए। लोकायुक्त का दावा है कि जांच में अब तक करीब 12 करोड़ 95 लाख 72 हजार रुपये की गाइडलाइन कीमत वाली संपत्तियों का आकलन हुआ है, जबकि इनका बाजार मूल्य करीब 29 करोड़ 73 लाख 49 हजार 786 रुपये बताया गया है।
फिरोज खान पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय (पीटीसी), इंदौर में चालक के पद पर पदस्थ है। लोकायुक्त के एसपी डा.राजेश सहाय के अनुसार, उसे वेतन से अब तक करीब 75 लाख रुपये मिलने का अनुमान है। लोकायुक्त की जांच में फिरोज खान की मां वहीदा खान और पत्नी हीना के नाम से साहिल ट्रेडिंग कंपनी फर्म का पता चला है। वहीं, महिला मित्र रोशनी वर्मा के नाम से रोशनी सेल्स एंड सर्विस फर्म संचालित होने की जानकारी सामने आई है। फिरोज खान और रोशनी द्वारा रायल ग्रीन रियल एस्टेट के माध्यम से करोड़ों रुपये का निवेश किया जाता था।
इंदौर की स्कीम नंबर 94 स्थित मनोरमा अपार्टमेंट में उसकी मां वहीदा के नाम पर खरीदे गए दो फ्लैट,देवास के आदर्श नगर स्थित मकान सहित अन्य संपत्तियों और जमीनों के दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। लोकायुक्त इन संपत्तियों के वास्तविक स्वामित्व, खरीद में लगी रकम और फर्मों के बैंक खातों में हुए लेन-देन की जानकारी जुटा रहा है।
पिता-पुत्र के जमीन विवाद से खुला संपत्तियों का ब्योरा
फिरोज खान के खिलाफ शिकायत की शुरुआत सांवेर तहसील के गुरान गांव में जमीन को लेकर चल रहे विवाद से जुड़ी बताई गई है। शिकायत के अनुसार, महेश चौधरी और उनके बेटे गौरव चौधरी के बीच जमीन को लेकर विवाद था। इसी दौरान फिरोज खान ने कथित तौर पर रोशनी वर्मा के नाम से 21.75 बीधा जमीन का करीब 65 लाख रुपये में अनुबंध कराया।शिकायत में आरोप लगाया गया कि जमीन के सौदे में फिरोज खान की भूमिका थी और राजस्व अधिकारियों से सांठगांठ कर मामला अपने पक्ष में करवाने की कोशिश की गई।
यह भी आरोप है कि महेश चौधरी को परिवार से अलग रखने के लिए उनकी शादी एक कम उम्र की युवती से करवाई गई और देवास के इटावा में मकान उपलब्ध कराया गया। जमीन विवाद से नाराज गौरव चौधरी ने फिरोज खान की संपत्तियों की जानकारी जुटाई और लोकायुक्त महानिदेशक योगेश देशमुख को शिकायत दी। इसके बाद महीनों तक जांच चली। लोकायुक्त के अनुसार, जांच में कई संपत्तियों और कारोबारी गतिविधियों का विवरण सामने आने के बाद इंदौर और उज्जैन की टीमों को सर्च के लिए लगाया गया।
लोकायुक्त को मिली फिरोज खान ने करोड़ों की संपत्ति
मकान नम्बर 12-बी आदर्श नगर देवास (आरोपित का निवास) एवं देवास के सीनियर वार्ड क्रमांक 30 आदर्श नगर कालोनी में भूखण्ड कमांक 12 पर निर्मित मकान।
बाणगंगा के महेश यादव नगर में मकान नम्बर 379/6 है। यह मकान फिरोज खान की दोस्त व सह आरोपित रोशनी वर्मा का निवास है।
फ्लैट नम्बर 102, 202, मनोरमा अपार्टमेंट (स्कीम नम्बर 94), रिंग रोड इंदौर (आरोपित द्वारा अपनी माता वहीदा खान के नाम खरीदा है।)
फ्लैट कमांक 505 श्रीदेवी अपार्टमेंट, भूखण्ड कमांक 249, श्रीनगर कालोनी मेन, इंदौर- ग्राम गजीपुरा पटवारी हल्का नम्बर 14 तहसील बागली जिला देवास की सर्वे कमांक 142 एवं 82 की कृषि भूमि
राधागंज देवास स्थित आरोपित के चालक नफीस खान का आवास
ग्राम आबादी इटावा स्थित पुष्पकुंज कालोनी में अंदर की ओर स्थित प्लाट क्रमांक 04-देवास के वार्ड कमांक 07 में स्थित पुष्पकुंज कालोनी में भूमि सर्वे नम्बर 26/1 स्थित प्लाट
देवास के वार्ड क्रमांक 07 में स्थित पुष्पकुंज कालोनी में भूमि सर्वे नम्बर 26/1/मिन-1 पैकी पर स्थित भूखण्ड
देवास विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित विजय नगर कालोनी में एचआईजी जूनीयर भवन कमांक 34
देवास सीनियर इंदिरा गांधी नगर कालोनी देवास का भूखण्ड कमांक 28 एवं 29
ग्राम गुरान तहसील सांवेर में 10.2 बीघा एवं 11.77 बीघा की भूमि सर्वे क्रमांक 403, 776, 781, 788 एवं सर्वे क्रमांक 129/1, 129/2, 144, 145, 153/2/2, 154/2, 155/2
ग्राम जेतपुरा पटवारी हल्का नम्बर 17 तहसील व जिला देवास बाय पास स्थित व्यासायिक भूखण्ड
ग्राम जेतपुरा तहसील व जिला देवास के पटवारी हल्का नम्बर 17 में बाय पास से जेतपुरा तक रोड के अंदर की ओर स्थित कृषि भूमि- ग्राम गद्दूखेडी पटवारी हल्का नम्बर 50 तहसील व जिला देवास की कृषि भूमि।

