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CG : शादी का झांसा देकर नाबालिग से दुष्कर्म! पीड़िता चार माह की गर्भवती …

CG : शादी का झांसा देकर नाबालिग से दुष्कर्म! पीड़िता चार माह की गर्भवती …

CG : शादी का झांसा देकर नाबालिग से दुष्कर्म! पीड़िता चार माह की गर्भवती …

रायगढ़ : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में नाबालिग अवस्था के दौरान शादी का प्रलोभन देकर शारीरिक शोषण किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। खरसिया पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी छोटू राजपूत को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी पर करीब दो वर्षों तक शादी का झांसा देकर पीड़िता का यौन शोषण करने का आरोप है। पीड़िता ने शिकायत में स्वयं को लगभग चार माह की गर्भवती बताया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

14 अक्टूबर को पीड़िता ने दर्ज कराई शिकायत पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 14 अक्टूबर 2026 को पीड़िता ने पुलिस चौकी खरसिया पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। उसने खरसिया निवासी छोटू राजपूत पर शादी का प्रलोभन देकर लंबे समय तक शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाया। शिकायत मिलते ही चौकी प्रभारी निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी ने वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की जानकारी दी। एसडीओपी खरसिया सतीश भार्गव के मार्गदर्शन में तत्काल जांच शुरू की गई। पुलिस ने महिला विवेचक के माध्यम से पीड़िता के बयान दर्ज कराए। इसके साथ ही पीड़िता की सहमति और अभिमत के अनुसार मेडिकल परीक्षण कराया गया।

सितंबर 2024 में हुआ था आरोपी से परिचय पीड़िता ने शिकायत में बताया कि सितंबर 2024 में उसका परिचय खरसिया के अटल आवास क्षेत्र में रहने वाले छोटू राजपूत से हुआ था। आरोप है कि युवक ने अपना मोबाइल नंबर देकर उससे बातचीत शुरू की। इसके बाद दोनों के बीच संपर्क बढ़ा। पीड़िता के अनुसार, 22 सितंबर 2024 को आरोपी उसे घूमने के बहाने खरसिया के जंगल की ओर ले गया। वहां उसने शादी करने का प्रलोभन देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता ने आरोप लगाया कि इसके बाद भी युवक ने कई अवसरों पर उसका शारीरिक शोषण किया।

शादी से इनकार का आरोप पीड़िता ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि वह वर्तमान में लगभग चार माह की गर्भवती है। उसका आरोप है कि आरोपी ने शादी का भरोसा दिलाकर संबंध बनाए, लेकिन बाद में शादी करने से इनकार कर दिया। शिकायत के अनुसार, पीड़िता घटना की शुरुआत के समय नाबालिग थी। इसी आधार पर पुलिस ने मामले में पॉक्सो एक्ट की धाराएं भी लगाई हैं। पुलिस ने पीड़िता के बयान और उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी के आधार पर अपराध दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई।

BNS और पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज पीड़िता की शिकायत के आधार पर खरसिया पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 528/2026 दर्ज किया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2)(m) तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) की धारा 4 और 6 के तहत कार्रवाई की गई है। ये धाराएं यौन अपराधों और बच्चों के विरुद्ध गंभीर यौन अपराधों से संबंधित हैं। मामले की जांच में पीड़िता के बयान, चिकित्सकीय परीक्षण और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को शामिल किया जा रहा है। घर में दबिश देकर आरोपी को किया गिरफ्तार शिकायत दर्ज होने के बाद खरसिया पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने खरसिया के वार्ड नंबर 8 स्थित अटल आवास क्षेत्र में आरोपी के घर दबिश दी। यहां से छोटू राजपूत, पिता शौकी लाल राजपूत, उम्र 30 वर्ष, को हिरासत में लिया गया। आरोपी को पूछताछ के लिए थाना लाया गया। इसके बाद आवश्यक वैधानिक और चिकित्सकीय औपचारिकताएं पूरी की गईं। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश पर उसे न्यायिक रिमांड में जेल भेज दिया गया। अभियान संवेदना के तहत त्वरित कार्रवाई रायगढ़ पुलिस ने यह कार्रवाई अभियान संवेदना के तहत की है। अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं से संबंधित अपराधों की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करना है। मामले में शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने 24 घंटे के भीतर आरोपी की गिरफ्तारी की कार्रवाई पूरी की। पुलिस के अनुसार, महिला एवं बालिका संबंधी अपराधों में पीड़ितों की सुरक्षा, संवेदनशील जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई को प्राथमिकता दी जा रही है। इन पुलिसकर्मियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी, प्रशिक्षु उप निरीक्षक प्रिया साहू, महिला प्रधान आरक्षक ममता मिंज और आरक्षक धनंजय कश्यप, कीर्ति सिदार, साविल चंद्रा, सिदार सिंह तथा गोविन्द बनर्जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की विवेचना जारी है। उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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