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CG : दुर्ग में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 10.88 करोड़ के मादक पदार्थ जब्त, प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने दिए सख्त निर्देश …

CG : दुर्ग में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 10.88 करोड़ के मादक पदार्थ जब्त, प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने दिए सख्त निर्देश …

CG : दुर्ग में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 10.88 करोड़ के मादक पदार्थ जब्त, प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने दिए सख्त निर्देश …

दुर्ग : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है। जिले में इस वर्ष अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 157 कार्रवाई की गई हैं, जिनमें 330 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही करीब 10 करोड़ 88 लाख रुपये मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं। ये आंकड़े 16 अक्टूबर 2026 को दुर्ग जिला मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने प्रस्तुत किए। बैठक की अध्यक्षता नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव तथा दुर्ग जिले के प्रभारी सचिव सोनमणि बोरा ने की। उन्होंने नशे के अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई के साथ विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए।

नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई तेज, 330 आरोपी गिरफ्तार प्रभारी सचिव सोनमणि बोरा ने नारकोटिक्स नियंत्रण की समीक्षा के दौरान एनडीपीएस के मामलों, मादक पदार्थों की जब्ती और आरोपियों की गिरफ्तारी से जुड़े आंकड़ों की जानकारी ली। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने बताया कि पिछले वर्ष एनडीपीएस के तहत 107 कार्रवाई की गई थीं, जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 157 हो गई है। इसी प्रकार गिरफ्तार आरोपियों की संख्या पिछले वर्ष 262 थी, जो इस वर्ष बढ़कर 330 हो गई है। मादक पदार्थों की जब्ती का मूल्य भी पिछले वर्ष के 1.40 करोड़ रुपये से बढ़कर इस वर्ष 10.88 करोड़ रुपये हो गया है।

दुर्ग में एनडीपीएस कार्रवाई के तुलनात्मक आंकड़े इस साल 157 कार्रवाइयां की गईं, जबकि पिछले साल 107 कार्रवाइयां हुई थीं। इस साल 330 गिरफ्तारियां हुईं, जो पिछले साल की 262 गिरफ्तारियों से अधिक हैं, और इस साल जब्त की गई वस्तुओं का मूल्य ₹10.88 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹1.40 करोड़ था। समीक्षा बैठक में प्रस्तुत पिछले वर्ष और इस वर्ष के आंकड़े। भिलाई-दुर्ग और कुम्हारी के संवेदनशील इलाकों पर निगरानी

प्रमुख सचिव ने मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले नेटवर्क की पहचान कर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि भिलाई-दुर्ग के कुछ मोहल्लों और कुम्हारी के संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है। सोनमणि बोरा ने कहा कि नशे की रोकथाम के लिए कानून प्रवर्तन के साथ जनजागरूकता अभियान भी जरूरी हैं। उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों और व्यावसायिक संस्थानों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए। इसके लिए पेंटिंग प्रतियोगिताओं, नुक्कड़ नाटकों और अन्य जनभागीदारी गतिविधियों का आयोजन करने तथा टोल-फ्री नंबर 1933 का प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया गया।

जवाबदेही तय करने के निर्देश नारकोटिक्स नियंत्रण के साथ प्रमुख सचिव ने जिले में संचालित विकास योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बिजली, पानी, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क निर्माण और अन्य बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर अधिकारियों से जानकारी ली गई। सोनमणि बोरा ने कहा कि जिले का समग्र विकास सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने विभागों को पारदर्शिता, समयबद्धता, ईमानदारी और जवाबदेही के साथ काम करने तथा आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। लंबित मामलों का होगा निराकरण समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए गए। प्रमुख सचिव ने कहा कि पात्र हितग्राहियों को भूमि पट्टे और जरूरी दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराए जाएं। ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा और बीबीजीआरवाई के अंतर्गत संचालित कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उन्होंने तहसीलों और ग्राम पंचायतों में नामांतरण, बंटवारा तथा अन्य राजस्व प्रकरणों, विशेषकर एक वर्ष से लंबित मामलों का शीघ्र और पारदर्शी निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। स्कूलों में पेयजल और शौचालय पर विशेष ध्यान प्रमुख सचिव ने जिला शिक्षा अधिकारी को पीएमश्री सहित अन्य उत्कृष्ट विद्यालयों में आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूल परिसरों में साफ-सफाई, पेयजल, नियमित बिजली आपूर्ति, कचरा पेटी और उद्यान जैसी व्यवस्थाएं बेहतर होनी चाहिए। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में बालिकाओं के लिए शौचालय निर्माण तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता से पूरा करने को कहा गया। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत पात्र गरीब बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया गया। बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बनाने में तेजी स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान सोनमणि बोरा ने आयुष्मान वय वंदना योजना के अंतर्गत 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्गों के कार्ड बनाने के कार्य में तेजी लाने को कहा। उन्होंने कुष्ठ रोग, सिकलसेल और टीबीमुक्त अभियान के तहत चल रही जांच एवं उपचार गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को योजनाओं का लाभ पात्र नागरिकों तक पहुंचाने तथा जरूरतमंदों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए। रैनबसेरों और आवासीय कॉलोनियों में बढ़ेंगी सुविधाएं प्रमुख सचिव ने नगर निगम आयुक्तों को रैनबसेरों की व्यवस्थाएं बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने शहरी प्रधानमंत्री आवास क्षेत्रों में सामुदायिक भवन, बुजुर्गों के बैठने के लिए बेंच, बच्चों के लिए पार्क और बेहतर जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। इसके अतिरिक्त सड़क निर्माण और अधोसंरचना विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए। तांदुला पार्क में नगर वन और हर्बल गार्डन की पहल वन विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने स्वामी आत्मानंद मॉडल कॉलेज, बोरी में पौधरोपण तथा तांदुला पार्क में नगर वन और हर्बल गार्डन की स्थापना से संबंधित नवाचारों की जानकारी दी। प्रमुख सचिव ने पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार से जुड़े प्रयासों को विभागीय समन्वय के साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिया। नशामुक्ति पर विशेष जोर बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में आपातकालीन सेवाएं मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। सोनमणि बोरा ने नशे की गिरफ्त में आए लोगों के उपचार, पुनर्वास और समय पर काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई। बैठक में वन मंडलाधिकारी सी.पी. अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल, एडीएम वीरेंद्र सिंह, भिलाई नगर निगम आयुक्त सुरूचि सिंह, दुर्ग नगर निगम आयुक्त लीना कोसम, रिसाली नगर निगम आयुक्त मोनिका वर्मा और नगरीय प्रशासन विभाग के अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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