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CG : महानदी मुख्य नहर पर दौड़ रहे लोडेड हाईवा, नहर टूटने से गांवों में बाढ़ का खतरा …

CG : महानदी मुख्य नहर पर दौड़ रहे लोडेड हाईवा, नहर टूटने से गांवों में बाढ़ का खतरा …

CG : महानदी मुख्य नहर पर दौड़ रहे लोडेड हाईवा, नहर टूटने से गांवों में बाढ़ का खतरा …

राजिम। छत्तीसगढ़ के राजिम क्षेत्र में महानदी मुख्य नहर की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कोंडापार से थनौद तक पाइपलाइन बिछाने के निर्माण कार्य में लगे मध्य प्रदेश के एक ठेकेदार पर नियमों की अनदेखी कर नहर के सर्विस बैंक पर लोडेड हाईवा और अन्य भारी वाहन चलवाने का आरोप है। लगातार भारी वाहनों की आवाजाही से नहर के तटबंध को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की बार-बार समझाइश और आपत्ति के बावजूद वाहनों का संचालन जारी रहने की बात सामने आई है। इससे आसपास के किसानों और ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है।

भारी वाहनों की आवाजाही से नहर की सुरक्षा पर संकट जानकारी के अनुसार, गंगरेल जलाशय से नया रायपुर तक पानी पहुंचाने की परियोजना के तहत कोंडापार में इंटेकवेल का निर्माण प्रस्तावित है। यहां से पाइपलाइन के जरिए नया रायपुर को पानी पहुंचाया जाएगा। इसी परियोजना के अंतर्गत कोंडापार से थनौद तक महानदी मुख्य नहर के समानांतर पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा है। आरोप है कि निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार द्वारा नहर के सर्विस बैंक का इस्तेमाल भारी वाहनों की आवाजाही के लिए किया जा रहा है। लोडेड हाईवा के लगातार गुजरने से नहर किनारे की मिट्टी दब रही है और रास्ते पर गहरे टायरों के निशान बन गए हैं।

अधिकारियों की चेतावनी भी बेअसर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान भारी वाहनों के संचालन पर आपत्ति जताई थी। अधिकारियों ने संबंधित लोगों को नहर के सर्विस बैंक पर वाहन नहीं चलाने की समझाइश दी थी। इसके अलावा इस संबंध में पत्राचार भी किए जाने की जानकारी सामने आई है। बावजूद इसके भारी वाहनों का संचालन बंद नहीं होने का आरोप है। नहर का सर्विस बैंक सामान्य सड़क नहीं, बल्कि सिंचाई व्यवस्था और तटबंध की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही से संरचना को नुकसान पहुंचने का खतरा बना रहता है।

गंगरेल से छोड़ा जा रहा पानी, बढ़ी चिंता वर्तमान में गंगरेल जलाशय से महानदी मुख्य नहर में खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जा रहा है। ऐसे समय में नहर के तटबंध को किसी भी प्रकार का नुकसान किसानों और आसपास के ग्रामीणों के लिए गंभीर समस्या पैदा कर सकता है। आशंका जताई जा रही है कि यदि कमजोर तटबंध में कटाव बढ़ा और नहर क्षतिग्रस्त हुई, तो पानी आसपास के खेतों और गांवों की ओर फैल सकता है। इससे किसानों की खड़ी फसल, कृषि भूमि, मकान और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। हालांकि, नहर के टूटने या बाढ़ आने की किसी घटना की पुष्टि नहीं हुई है।

नहर किनारे ठेकेदार का कैंप, फिर भी नियमों की अनदेखी बताया जा रहा है कि संबंधित ठेकेदार का कैंप ग्राम कोंडापार में महानदी मुख्य नहर के ठीक बगल में स्थित है। इसके बावजूद सर्विस बैंक पर भारी वाहनों के संचालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। नहर किनारे वाहनों की आवाजाही से विभागीय कर्मचारियों को नियमित गश्त और निगरानी में भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सिंचाई के इस महत्वपूर्ण समय में नहर की नियमित निगरानी आवश्यक है, ताकि पानी किसानों तक बिना किसी बाधा के पहुंच सके। सैकड़ों किसानों ने की कार्रवाई की मांग कोंडापार से थनौद तक के सैकड़ों किसानों ने नहर के सर्विस बैंक पर लोडेड हाईवा और अन्य भारी वाहनों की आवाजाही तत्काल बंद कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि नहर के प्रभावित हिस्सों का तकनीकी निरीक्षण कराया जाए और जहां नुकसान हुआ है, वहां आवश्यक मरम्मत की जाए। इसके अलावा निर्माण कार्य में लगे भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित करने तथा नियमों की अनदेखी करने वाले संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग यह मामला केवल निर्माण कार्य में लापरवाही का नहीं, बल्कि सिंचाई व्यवस्था और ग्रामीणों की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। किसानों ने जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग से तत्काल हस्तक्षेप कर नहर की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं संबंधित ठेकेदार का पक्ष सामने नहीं आया है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और नहर के सर्विस बैंक पर भारी वाहनों का संचालन रोकने के लिए क्या कार्रवाई की जाती है।

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