कवर्धा. छत्तीसगढ़ की संस्कारधानी कवर्धा में शारदीय नवरात्रि पर 19 और 20 अक्टूबर की मध्य रात्रि 150 साल पुरानी पारंपरिक देवी खप्पर यात्रा निकाली जाएगी. दंतेश्वरी, मां चंडी और मां परमेश्वरी मंदिर से निकलने वाली अलौकिक यात्रा में आस्था का सैलाब उमड़ेगा. सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस-प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है. यात्रा मार्ग पर सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से निगरानी की जाएगी. साथ ही सुरक्षाबलों की भी तैनाती रहेगी.
CG Khappar Yatra : तीन देवी मंदिरों से निकलेगा खप्पर
परंपरा के अनुसार, महाअष्टमी की मध्यरात्रि को तीनों सिद्धपीठ देवी मंदिरों से खप्पर निकाला जाता है. इस दौरान पुजारी एक हाथ में तलवार और दूसरे हाथ में जलता हुआ अग्नि खप्पर लेकर नगर भ्रमण पर निकलते हैं. (kawardha Khappar Yatra) धार्मिक मान्यताओं में खप्पर को देवी शक्ति का प्रतीक माना गया है. मंत्रोच्चार और पारंपरिक अनुष्ठानों के बीच होने वाली इस यात्रा में श्रद्धालु देवी मां के दर्शन कर सुख-समृद्धि और नगर की खुशहाली की कामना करते हैं.
CG Khappar Yatra : परंपरागत मार्ग से होगा नगर भ्रमण
खप्पर यात्रा अपने निर्धारित पारंपरिक मार्ग से होकर गुजरती है. इसमें पाली पारा, ठाकुर पारा, ऋषभदेव चौक, जयस्तंभ चौक, आंबेडकर चौक, मां महामाया मंदिर, भोजली तालाब, रानी दुर्गावती चौक, राजमहल चौक, शीतला चौक, करपात्री चौक और कचहरी पारा सहित प्रमुख स्थान शामिल हैं. नगर भ्रमण के दौरान जगह-जगह श्रद्धालु खप्पर के दर्शन कर जयकारे लगाते हैं. यात्रा अंत में मंदिर प्रांगण पहुंचकर संपन्न होती है.
आस्था और परंपरा का अनूठा संगम
रियासत काल से चली आ रही यह परंपरा कवर्धा की धार्मिक पहचान बन चुकी है. महाअष्टमी की मध्यरात्रि को निकलने वाली खप्पर यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है. माता का आशीर्वाद लेने और परंपरा का हिस्सा बनने के लिए पड़ोसी राज्यों से भी लोग पहुंचे हैं.
सोशल मीडिया पर अफवाह से बचें
पुलिस ने यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए वाहनों के लिए प्रतिबंधित और रूट डायवर्जन लागू किया जाएगा. यात्रा के गुरजने वाले मार्गों पर लोगों से वाहन नहीं खड़ा करने और आयोजन में शांति बनाएं रखने की अपील की है. वहीं सोशल मीडिया पर किसी तरह के भड़काऊ पोस्ट और अफवाह फैलाने वालों पर भी नजर रखी जाएगी, इनमें शामिल लोगों पर एक्शन लेने की चेतावनी भी दी गई है.

