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साइबर ठगों के अंतरराज्यीय नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा, दो आरोपी गिरफ्तार

साइबर ठगों के अंतरराज्यीय नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा, दो आरोपी गिरफ्तार

साइबर ठगों के अंतरराज्यीय नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा, दो आरोपी गिरफ्तार

खैरागढ़। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अंतरराज्यीय साइबर ठगी के मामले की जांच करते हुए खैरागढ़ पुलिस ने दिल्ली और उत्तराखंड से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर बैंक खातों और एटीएम कार्ड का उपयोग कर धोखाधड़ी की रकम का लेन-देन करने में शामिल होने का आरोप है। मामले में पीड़ित के साथ कुल 1 लाख 86 हजार 600 रुपए की ऑनलाइन धोखाधड़ी हुई थी। पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपियों द्वारा कमीशन के बदले बैंक खाते और एटीएम कार्ड उपलब्ध कराए जाते थे। दोनों आरोपियों को संबंधित राज्यों से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।

1 लाख 86 हजार 600 रुपए की ऑनलाइन धोखाधड़ी जानकारी के मुताबिक, ग्राम कुरुभाट निवासी राकेश कुमार भोटे (36 वर्ष), पिता लखन लाल भोटे ने 16 अगस्त 2026 को ऑनलाइन धोखाधड़ी की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि अज्ञात आरोपियों ने विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से उनके साथ कुल 1 लाख 86 हजार 600 रुपए की धोखाधड़ी की। शिकायत के आधार पर खैरागढ़ थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 338/2026 दर्ज किया। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 317(2), 317(4), 61(2)(क), 238 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई।

बैंक खातों की जांच से आरोपियों तक पहुंची पुलिस मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने धोखाधड़ी में इस्तेमाल बैंक खातों और उपलब्ध तकनीकी जानकारियों की जांच की। जांच में सामने आया कि कुछ बैंक खातों का उपयोग ऑनलाइन ठगी से प्राप्त रकम के लेन-देन के लिए किया गया था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों द्वारा कमीशन के बदले बैंक खाते और एटीएम कार्ड उपलब्ध कराने संबंधी तथ्य भी सामने आए। इसके बाद पुलिस ने संबंधित खाताधारकों और संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी जुटाकर उनकी तलाश शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस की जांच दिल्ली और उत्तराखंड तक पहुंची।

उत्तराखंड से पहला आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने मामले में उज्ज्वल सिंह दानू (27 वर्ष), पिता नारायण सिंह को 17 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया। आरोपी मूल रूप से उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के झनकईया थाना क्षेत्र अंतर्गत दमगड़ा का निवासी है। वर्तमान में वह हल्द्वानी के मानपुर पश्चिम स्थित नैनी बिहार में किराए के मकान में रह रहा था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को हल्द्वानी स्थित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रस्तुत किया गया। वहां से पुलिस ने आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया।

दिल्ली से दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी इसी मामले में पुलिस ने दूसरे आरोपी सतविंदर सिंह (27 वर्ष), पिता जय सिंह को नई दिल्ली से गिरफ्तार किया। आरोपी दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी थाना क्षेत्र अंतर्गत एंड्रयूज गंज का निवासी है। पुलिस ने उसकी पतासाजी कर 18 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तारी की कार्रवाई की। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को नई दिल्ली के साकेत कोर्ट स्थित न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत में पेश किया गया। न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त कर आगे की कार्रवाई की गई। कमीशन के बदले बैंक खाते उपलब्ध कराने का आरोप पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि साइबर धोखाधड़ी से संबंधित रकम के लेन-देन में बैंक खातों का उपयोग किया जा रहा था। आरोप है कि कमीशन के लालच में बैंक खाते और एटीएम कार्ड उपलब्ध कराए गए। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन खातों के माध्यम से कितनी रकम का लेन-देन हुआ और क्या इनका इस्तेमाल अन्य साइबर ठगी के मामलों में भी किया गया था। बैंक दस्तावेज और मोबाइल से जुड़े साक्ष्यों की जांच प्रकरण में पुलिस बैंक खातों, एटीएम कार्ड, पासबुक और मोबाइल फोन से जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है। इनके माध्यम से हुए वित्तीय लेन-देन और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका का पता लगाया जा रहा है। पुलिस संबंधित बैंक खातों की जानकारी और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर पूरे नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। फिलहाल दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले की विस्तृत विवेचना जारी है। अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

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