मनीष त्रिपाठी पत्रकार
दुर्ग, / भारत के गौरवशाली पैरा-आर्मरेसलर श्रीमंत झा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर देश का नाम रोशन किया है। जर्मनी में 16 अक्टूबर से 19 अक्टूबर 2026 तक आयोजित पैरा-आर्मरेसलिंग चौंपियनशिप 2026 में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए एक रजत एक कांस्य पदक जीता है। श्रीमंत ने यह सफलता बेहद कड़े मुकाबले वाली 85 किलोग्राम श्रेणी में हासिल की।
एक रोमांचक और उच्च स्तर के मुकाबले में श्रीमंत झा ने अपनी असाधारण ताकत, सटीक तकनीक और मजबूत इरादों का प्रदर्शन करते हुए जर्मनी के मजबूत खिलाड़ी एरिक होप को शिकस्त दी और पोडियम पर अपनी जगह पक्की की।
शहीद जवानों को समर्पित किया पदक
श्रीमंत झा ने अपनी इस ऐतिहासिक कामयाबी को भारत के वीर शहीदों के नाम किया है। जीत के बाद उन्होंने भावुक होते हुए कहा मेरी हर जीत उन बहादुर सैनिकों के लिए है जिन्होंने हमारे देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। मैं यह रजत पदक हमारे सभी शहीद जवानों को समर्पित करता हूँ।
एक ऐतिहासिक उपलब्धि
इस महाद्वीपीय स्तर की प्रतियोगिता में श्रीमंत झा ने अपने विशाल अनुभव और खेल कौशल का लोहा मनवाया। इस नए पदक के साथ ही पैरा-आर्मरेसलर श्रीमंत झा के नाम अब भारत के लिए कुल 69 अंतरराष्ट्रीय मेडल हो गए हैं। यह सफलता वैश्विक मंच पर उनकी विरासत और पहचान को और मजबूत करती है।
श्रीमंत झा का बयान
यह उपलब्धि मेरे लिए बेहद खास है। मैं हर मैच में हमारे देश के बहादुर जवानों से प्रेरणा लेकर मैदान में उतरता हूँ। मेरा अगला लक्ष्य आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) जीतना और भारत का गौरव बढ़ाना है।

