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राजनांदगांव : हमाली के नाम 4 से 7 रुपए प्रति बोरी वसूली का किया विरोध…

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राजनांदगांव , समर्थन मूल्य में धान खरीदी के समय खरीदी केन्द्रों में किसानों से 4 से 7 रुपए प्रति बोरी वसूली की जाती है। इसके खिलाफ प्रदेश किसान संघ के बैनर तले किसानों ने आवाज बुलंद की। उन्होंने वसूली बंद कराने की मांगें को लेकर कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपा। वहीं दाम सत्याग्रह के तहत राजीव गांधी किसान न्याय योजना की बकाया चौथी किस्त, धान की अंतर राशि और समर्थन मूल्य गारंटी कानून की मांग प्रमुखता से उठाईं। बसंतपुर की कृषि उपज मंडी में बड़ी संख्या में जुटे किसानों ने प्रदर्शन किया।

किसानों ने धान खरीदी में अवैध वसूली, समर्थन मूल्य में वृद्धि, राजीव गांधी किसान न्याय योजना की बकाया राशि, धान खरीदी नीति वर्ष 2026-27 पर चर्चा की। निर्णय लिया गया कि ‘दाम सत्याग्रह’ अभियान को प्रदेशभर चलाकर किसानों की मांगों को ज्ञापन के माध्यम से राज्य सरकार तक पहुंचाया जाएगा। अब हमाली के नाम पर अवैध वसूली पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। सुदेश टीकम, मोतीलाल सिन्हा, मदन साहू, मदन मोहन साहू; देवलाल साहू, रमाकांत बंजारे लक्ष्मी पटेल, महेश साहू, चंदू साहू अन्य मौजूद थे।

बिना शर्त प्रति एकड़ 21 क्विंटल खरीदी के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया: धान खरीदी नीति 2026-27 में 21 क्विंटल प्रति एकड़ की शर्त बिना किसी कटौती के लागू करने की मांग को प्रमुखता से उठाया गया। खरीदी की मात्रा निर्धारित करते समय 21 क्विंटल या औसत उत्पादन जो कम हो जैसी शर्त को हटाने, किसानों से किए वादे अनुरूप प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदने और कोई अतिरिक्त शर्त नहीं रखने की मांग है। जिससे उपज बेचने में परेशानी हो या निर्धारित मात्रा से कम धान बेचने की स्थिति बने। इस मांग पर सभी जिलों में ज्ञापन सौंपा जाएगा।

पिछले साल शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं की पिछले साल प्रदेशभर में प्रति बोरी 5 से 8 रुपए तौलाई, सिलाई और कांटे में धान चढ़ाने के नाम पर राशि वसूली गई। इन कामों के लिए विपणन संघ के द्वारा सहकारी साख समितियों को 22.50 रुपए प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया गया था। इसकी जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की गई। पिछले साल सरकार से शिकायत की थी, वसूली पर प्रभावी रोक नहीं लगी। इस साल 16 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होगी। किसानों ने प्रशासन से हर केंद्र की निगरानी और कार्रवाई की मांग की है। इस पर पहल की मांग की जा रही है।

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