Site icon

राजनांदगांव : ट्रक से भिड़ी कार, दूल्हे की बहन-सहेली की मौत …

राजनांदगांव : कार की टक्कर से बाइक सवार युवक की हुई मौत…

राजनांदगांव : कार की टक्कर से बाइक सवार युवक की हुई मौत…

राजनांदगांव l राजनांदगांव से ओडिशा के संबलपुर गई बारात की एक गाड़ी लौटते वक्त हादसे का शिकार हो गई। जिसमें सवार दूल्हे की छोटी बहन और उसकी सहेली की मौत हो गई। वहीं दूल्हे के छोटे भाई सहित तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं। जिनका इलाज रायपुर के निजी हॉस्पिटल में जारी है।

घटना शुक्रवार सुबह 7 बजे के करीब महासमुंद के बावनकेरा चौक के पास हुई है। राजनांदगांव के नवागांव में रहने वाले पूर्व जनपद सभापति अमीन खान के बड़े बेटे मोइन की 22 अक्टूबर को संबलपुर में शादी ​थी। जिसकी बारात में पूरा परिवार गया था। रात में शादी की रस्में पूरी हुई।

इसके बाद रात करीब 2 बजे अमीन खान की बेटी तसमिया खान (16), छोटा बेटा तारीक खान (25) और सना गाजी पिता नईम बख्श गाजी (25) सहित कुल पांच लोग कार में सवार होकर राजनांदगांव लौटने निकले थे। सुबह 7 बजे उनकी कार बावनकेरा चौक के पास पहुंची थी, तभी एक ट्रक को ओवरटेक करने के दौरान कार सामने सामने से चल रहे दूसरे ट्रक से टकरा गई। हादसा इतना भीषण था कि तसमिया खान और सना गाजी की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कार का सामने का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

कार में फंसे रहे, पुलिस ने लोगों की मदद से निकाला हादसे में कार के सामने का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। कार तारीक खान चला रहा था। कार में सवार सभी लोग बुरी तरह फंस गए थे। जिन्हें पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला। हादसे में तारीक खान, उजमा खान (35), आनिया खान (22) को भी गंभीर चोटें आई हैं। जिन्हें स्थानीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद रायपुर रेफर किया गया है।

रफ्तार 100 से भी अधिक ट्रक देख संभल नहीं पाए महासमुंद पुलिस ने बताया कि हादसे के वक्त कार की रफ्तार 100 किमी. प्रति घंटे से अधिक रही है। इसी रफ्तार में चालक ने एक ट्रक को ओवर टेक किया। रफ्तार की वजह से कार कंट्रोल से बाहर गई और सामने चल रहे ट्रक से सीधे टकरा गई।

हादसे में दम तोड़ने वाली सना गाजी शहर के अधिवक्ता नईम बख्श गाजी की बेटी थी। सना गाजी खुद भी एलएलबी की पढ़ाई कर रही थी। वहीं अमीन खान की बेटी तसमिया खान स्कूल में थी। हादसे ने खान परिवार की खुशियों को मातम में तब्दील कर दिया है। 25 अक्टूबर को शहर के निजी लॉन में रिसेप्शन तय किया गया था। जिसकी तैयारी भी पूरी कर ली गई थी।

22 अक्टूबर की देर रात तक शादी की रस्म पूरी हुई। ज्यादातर रिश्तेदार संबलपुर में ही रुके हुए थे। दूल्हे के छोटे भाई-बहनों की गाड़ी भी सुबह निकलने वाली थी। सुबह 7 बजे निकलने की बात कही ​थी। घर में होने वाली रस्मों व आगे की तैयारी के लिए भाई-बहनों ने रात में ही वापस निकलने का फैसला लिया। लेकिन घर लौटने से पहले ही हादसे ने दो सदस्यों को छीन लिया।

Exit mobile version