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राजनांदगांव : दो सालों से स्कूलों में खेल स्पर्धा बंद, छात्रों को नहीं मिल रहा मंच…

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राजनांदगांव , जिले में पिछले दो साल से स्कूली स्तर की बाल क्रीड़ा स्पर्धा नहीं हो रही है। संकुल से जिला स्तर तक स्कूलों में होने वाली बाल क्रीड़ा नहीं हो रही है। संकुल, जोन, ब्लॉक और जिला स्तर पर स्पर्धा बंद होने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के प्रतिभावान बच्चों को खेल प्रतिभा दिखाने का अवसर नहीं मिल रहा। स्पर्धा नहीं होने से उन बच्चों को नुकसान हो रहा है, जो राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर जिले का प्रतिनिधित्व करने का सपना देखते हैं। खेल शुल्क और बजट के बाद भी खेल स्पर्धा का आयोजन नहीं किया जा रहा।

क्रीड़ा शुल्क लेने, बजट जारी फिर भी स्पर्धा नहीं खेल स्पर्धा कराने की मांग पर संयुक्त शिक्षक संघ डीईओ को ज्ञापन सौंपेगा। इसी सत्र में खेल कैलेंडर जारी करने की मांग की जाएगी। संघ के जिला अध्यक्ष नीलेश रामटेके ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि खेल के माध्यम से बच्चों में अनुशासन, टीम भावना और शारीरिक क्षमता विकसित करना भी है। विद्यार्थियों से हर साल क्रीड़ा शुल्क लिया जाता है और शासन से खेल बजट जारी होता है। स्पर्धा नहीं होना कई सवाल खड़े करता है। निर्णय नहीं होने पर आंदोलन करेंगे।

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