राजनांदगांव , शरद पूर्णिमा की चांदनी, सुरों की मिठास और काव्य की भावधारा साहित्यिक-सांस्कृतिक आयोजन में तीनों का अनूठा संगम देखने को मिला। प्रेस क्लब में कवियों, साहित्यकारों, लोक कलाकारों, पत्रकारों ने गीत, भजन, कविता से पर्व की खुशियां साझा कीं। वरिष्ठ पत्रकार प्रेस क्लब के संरक्षक दीपक बुद्धदेव ने कहा कि पत्रकारिता के साथ साहित्य का समावेश होने से समाचारों में सकारात्मकता आती है। मां सरस्वती की वंदना, छत्तीसगढ़ राज्य गीत की प्रस्तुति से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
राजगामी संपदा की अध्यक्ष पूर्णिमा साहू मुख्य अतिथि रहीं। समाजसेवी शारदा तिवारी विशेष अतिथि थीं। संरक्षक दीपक बुद्धदेव, सीएल जैन, पुरुषोत्तम तिवारी, विनेश चोपड़ा मौजूद रहे। छत्तीसगढ़ साहित्य सृजन समिति के अध्यक्ष अखिलेश मिश्रा और दुर्ग के कवि प्यारेलाल देशमुख ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। दुर्ग की कवि सोनिया नायडू ने गणेश वंदना की। गायिका प्रज्ञा गुप्ता ने छत्तीसगढ़ का राज्य गीत अरपा पैरी के धार प्रस्तुति दी।
कविताओं में बेटियों के भाव, शारदा तिवारी का सम्मान: काव्य सत्र में दिग्विजय कॉलेज के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. शंकर मुनि राय मुख्य अतिथि रहे। कमला कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. ओंकार लाल श्रीवास्तव ने अध्यक्षता की। राजनांदगांव रत्न से सम्मानित शारदा तिवारी का शॉल, श्रीफल, पुष्पगुच्छ देकर अभिनंदन किया गया।
पूर्णिमा साहू ने की मां सरस्वती की वंदना वरिष्ठ पत्रकार दीपक बुद्धदेव ने आयोजन की सराहना करते चल अकेला, गीत से माहौल को संगीतमय बनाया। पूर्णिमा साहू ने हंस वाहिनी, ज्ञान दायिनी की प्रस्तुति से मां सरस्वती का वंदन किया। साहित्यकार मानसिंह ने भजन सुनाया। पुरुषोत्तम तिवारी ने जब जिद में आई पार्वती भजन सुनाया। प्रेस क्लब अध्यक्ष सचिन अग्रहरि, सचिव अनिल त्रिपाठी, साहित्यिक-सांस्कृतिक सचिव आत्माराम कोशा, शुभम उपाध्याय ने संरक्षकों एवं अतिथियों का स्वागत किया। अतिथियों ने आयोजन की सराहना की।

