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CG : रात 2 बजे से लगातार केशकाल में हो रही भारी बारिश …

CG : रात 2 बजे से लगातार केशकाल में हो रही भारी बारिश …

CG : रात 2 बजे से लगातार केशकाल में हो रही भारी बारिश …

केशकाल। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के बीच छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के केशकाल क्षेत्र में बुधवार तड़के करीब 2 बजे से लगातार बारिश हो रही है। देर रात शुरू हुआ बारिश का सिलसिला सुबह तक जारी रहने से पूरे क्षेत्र में मौसम का मिजाज बदल गया है। आसमान में बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने से लोगों की दैनिक गतिविधियों पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। वहीं, अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है।

रात 2 बजे से जारी बारिश, मौसम में अचानक बदलाव केशकाल में बुधवार तड़के करीब 2 बजे बारिश शुरू हुई, जो सुबह तक जारी रही। लगातार हो रही वर्षा से क्षेत्र में मौसम का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है। बारिश के चलते सड़कों पर आवाजाही और रोजमर्रा के कामकाज में परेशानी बढ़ने की संभावना है। यदि बारिश का दौर लंबे समय तक जारी रहता है, तो ग्रामीण इलाकों में कच्ची सड़कों, निचले स्थानों और जलभराव वाले क्षेत्रों में लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में स्थानीय नागरिकों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।

कोंडागांव समेत बस्तर संभाग के कई जिलों में रेड अलर्ट मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव से दक्षिण छत्तीसगढ़ में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की आशंका जताई गई है। कोंडागांव, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी होने की खबर है। मौसम संबंधी रिपोर्ट के अनुसार 28 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कहीं-कहीं हवा की रफ्तार 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। हालांकि, वास्तविक परिस्थितियां अलग-अलग क्षेत्रों में भिन्न हो सकती हैं।

खेतों में तैयार फसलों को नुकसान की आशंका, किसान चिंतित लगातार बारिश किसानों के लिए चिंता का विषय बन सकती है। इस समय कई किसानों की धान सहित अन्य फसलें खेतों में तैयार हैं, जबकि कुछ स्थानों पर कटाई की तैयारियां चल रही हैं। ऐसे में अचानक बारिश होने से कृषि कार्य प्रभावित होने की आशंका है। खेतों में खड़ी फसलों के भीगने, कटाई में देरी होने और पहले से काटकर रखी गई उपज को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ सकता है। विशेष रूप से खुले स्थानों पर रखी धान की फसल बारिश की चपेट में आ सकती है। कृषि विशेषज्ञों की सामान्य सलाह के अनुसार किसानों को कटी हुई फसल सुरक्षित स्थानों पर रखनी चाहिए। साथ ही खेतों में पानी निकासी की व्यवस्था पर भी ध्यान देना जरूरी है, ताकि लंबे समय तक पानी जमा रहने से फसलों को नुकसान न पहुंचे।

बारिश जारी रही तो जनजीवन और आवागमन हो सकता है प्रभावित केशकाल सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश का दौर आगे भी जारी रहने पर सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है। खासकर ग्रामीण सड़कों पर पानी और कीचड़ जमा होने से आवागमन में परेशानी बढ़ सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक छत्तीसगढ़ में 29 अक्टूबर को भी कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके साथ आंधी, गरज-चमक और तेज हवाओं का खतरा भी रह सकता है। मौसम में लगातार बदलाव के कारण लोगों की नजरें अब आने वाले घंटों की स्थिति पर टिकी हुई हैं। प्रशासन की एडवाइजरी पर ध्यान दें, खराब मौसम में बरतें सावधानी बारिश के बीच नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। तेज बारिश के दौरान नदी-नालों, पुल-पुलियों और जलभराव वाले स्थानों से दूरी बनाए रखना जरूरी है। बिजली चमकने या तेज हवा चलने की स्थिति में खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी मौसम विभाग और जिला प्रशासन की आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान देना चाहिए। फिलहाल केशकाल में रात 2 बजे से शुरू हुई बारिश के बीच किसानों और आम नागरिकों की चिंता बढ़ी हुई है। यदि आगामी घंटों में वर्षा का सिलसिला जारी रहता है, तो खेती-किसानी के साथ सामान्य जनजीवन पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।

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