डोंगरगांव , अंग्रेजों के जमाने से नगर की पहचान बने पुराने लोक निर्माण विभाग विश्रामगृह का अब बेहतर उपयोग करने की तैयारी शुरू हो गई है। लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल के निरीक्षण और निर्देश के बाद विभाग सक्रिय हो गया है। विश्रामगृह परिसर में जेसीबी मशीन लगाकर काम शुरू कर दिया गया है। यदि यहां अनुविभागीय कार्यालय की स्थापना होती है तो डोंगरगांव और छुरिया क्षेत्र के लोगों को कई शासकीय कार्यों के लिए जिला मुख्यालय राजनांदगांव की दौड़ लगाने से राहत मिल सकती है।
विभाग के सचिव मुकेश कुमार 22 अक्टूबर को राजनांदगांव जिले के दौरे पर पहुंचे थे। अंतरराज्यीय सड़क मार्ग के चौड़ीकरण कार्य में कथित अनियमितता, लापरवाही और आम यात्रियों को हो रही परेशानी से संबंधित शिकायतों के बाद उनका यह पहला दौरा था। इस दौरान वे डोंगरगांव स्थित विश्रामगृह पहुंचे और भवन तथा परिसर का निरीक्षण किया।
इसके बाद उन्होंने विभाग के अधिकारियों को पुराने विश्रामगृह भवन का लोक निर्माण विभाग के कार्यालय के रूप में उपयोग करने तथा परिसर को व्यवस्थित और उपयोगी बनाने के निर्देश दिए। जानकारी के अनुसार उन्होंने इस कार्य को 15 से 20 दिनों के भीतर पूरा करने के लिए कहा था। उनके निर्देश के बाद अब परिसर में काम शुरू हो गया है। निरीक्षण के दौरान प्रमुख अभियंता विजय भतपहरी, मुख्य अभियंता दुर्ग परिक्षेत्र एनके जयंत, अधीक्षण अभियंता अपर्णा चौरपगार, कार्यपालन अभियंता रितु खरे सहित अन्य अफसर मौजूद रहे।
स्वीकृति के बाद परिसर का महत्व और बढ़ गया राज्य सरकार के द्वारा 5 सितंबर को प्रदेश के कुछ तहसील क्षेत्रों में अनुविभागीय कार्यालय खोलने की स्वीकृति दिए जाने के बाद डोंगरगांव में भी ऐसे कार्यालय की संभावनाओं को लेकर चर्चा है। पुराने विश्रामगृह के उपयोग को लेकर सचिव के निर्देश के बाद इस परिसर का महत्व और बढ़ गया है। हालांकि यहां अनुविभागीय कार्यालय की स्थापना के संबंध में अंतिम स्थिति संबंधित विभाग के आधिकारिक आदेश से स्पष्ट होगी।
नपं इसे अपने कब्जे में नहीं ले सकी पुराने विश्रामगृह की जमीन को लेकर करीब दो वर्ष पहले नगर पंचायत के कार्यकाल में भी कवायद हुई थी। उस समय बाजार क्षेत्र में कॉम्प्लेक्स बनाने के उद्देश्य से लोक निर्माण विभाग की इस बेशकीमती जमीन को अपने उपयोग में लेने के प्रयास किए गए थे। बताया जाता है कि इस संबंध में स्थानीय स्तर पर प्रयास भी हुए, लेकिन जमीन लोक निर्माण विभाग की संपत्ति होने के कारण इसे नपं अपने कब्जे में नहीं ले सकी। अब उसी परिसर को विभागीय कार्यालय के रूप में विकसित करने की दिशा में काम शुरू हो गया है। अब विभागीय कार्यालय के रूप में इसके उपयोग की पहल से इस परिसर का सरकारी कामकाज में इस्तेमाल सुनिश्चित होगा।
नगर से दो किलोमीटर दूर बनाया नया विश्रामगृह करीब दो वर्ष पहले तत्कालीन विधायक दलेश्वर साहू के प्रयास से डोंगरगांव से लगभग दो किलोमीटर दूर माथलडबरी में करीब 65 लाख रुपए की लागत से नया विश्रामगृह बनाया गया था। उस समय नगर में यह सवाल भी उठा था कि जब लोक निर्माण विभाग के पास पुराने विश्रामगृह के रूप में इतनी बड़ी जगह उपलब्ध है, तो नया भवन दूसरी जगह क्यों बनाया जा रहा है। हालांकि नया विश्रामगृह माथलडबरी में बनकर तैयार हुआ। अब पुराने भवन को कार्यालयीन उपयोग में लाया जा सकेगा।

