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CG : जंगल में बाघिन की मौजूदगी के संकेत, दो चीतलों की मौत से मचा हड़कंप …

CG : जंगल में बाघिन की मौजूदगी के संकेत, दो चीतलों की मौत से मचा हड़कंप …

CG : जंगल में बाघिन की मौजूदगी के संकेत, दो चीतलों की मौत से मचा हड़कंप …

लोरमी। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के जंगलों में एक बार फिर बाघिन की मौजूदगी के संकेत मिलने से वन विभाग सतर्क हो गया है। खुड़िया वन परिक्षेत्र के कारीडोंगरी जंगल में पेट्रोलिंग के दौरान वनकर्मियों को बाघिन के पगमार्क मिले हैं। वहीं, कारीडोंगरी से लगे वन कक्ष क्रमांक 494/95 में दो चीतल मृत अवस्था में पाए गए। घटनास्थल पर मिले पगमार्क और मृत वन्यजीवों की स्थिति को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि बाघिन ने दोनों चीतलों का शिकार किया होगा। हालांकि, अभी तक बाघिन की प्रत्यक्ष मौजूदगी की पुष्टि नहीं हुई है। घटना के बाद वन विभाग ने पूरे इलाके में निगरानी बढ़ा दी है और उसकी तलाश के लिए अभियान शुरू कर दिया है।

पेट्रोलिंग के दौरान मिले बाघिन के पगमार्क वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम खुड़िया वन परिक्षेत्र के कारीडोंगरी इलाके में वनकर्मी नियमित गश्त कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें जंगल में बाघिन के पगमार्क दिखाई दिए। वनकर्मियों ने तत्काल इसकी जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया और संबंधित क्षेत्र में वन अमले को सतर्क रहने के निर्देश दिए। पगमार्क मिलने के बाद वनकर्मियों ने आसपास के जंगलों में बाघिन की गतिविधियों का पता लगाने की कोशिश की। इसके साथ ही संभावित ठिकानों और उन रास्तों की भी तलाश शुरू की गई, जहां से बाघिन के गुजरने की आशंका थी।

दो चीतल मृत मिलने से बढ़ी चिंता कारीडोंगरी से लगे वन कक्ष क्रमांक 494/95 में दो चीतल मृत अवस्था में मिले। घटनास्थल के आसपास बाघिन के पगमार्क पाए जाने के कारण वन विभाग को आशंका है कि दोनों चीतलों का शिकार किसी बड़े मांसाहारी वन्यजीव ने किया है। प्रारंभिक परिस्थितियों के आधार पर बाघिन द्वारा शिकार किए जाने की संभावना जताई जा रही है। जंगल में एक साथ दो चीतलों के मृत मिलने और बाघिन के पगमार्क पाए जाने से वन विभाग की चिंता बढ़ गई है। हालांकि, केवल पगमार्क और मृत चीतलों की मौजूदगी के आधार पर शिकार की पुष्टि नहीं की जा सकती। इसके लिए घटनास्थल से जुड़े अन्य साक्ष्यों और परिस्थितियों की जांच महत्वपूर्ण होगी।

रात से सुबह तक चली तलाश, नहीं मिला बाघिन का सुराग पगमार्क मिलने की सूचना के बाद वन विभाग की टीम ने देर रात से ही संभावित क्षेत्रों में खोजबीन शुरू कर दी। शुक्रवार सुबह और दोपहर तक वनकर्मी जंगल के अलग-अलग हिस्सों में बाघिन की तलाश करते रहे। इस दौरान उसके संभावित मूवमेंट वाले रास्तों और ठिकानों पर विशेष नजर रखी गई। लेकिन लगातार तलाशी अभियान चलाने के बावजूद वनकर्मियों को बाघिन दिखाई नहीं दी। उप वनमंडलाधिकारी दशहंस सूर्यवंशी के अनुसार, वन कक्ष क्रमांक 494/95 में दो चीतल मृत मिले हैं और वहां बाघिन के पगमार्क भी पाए गए हैं। टीम ने आसपास के क्षेत्र में खोजबीन और निगरानी की, लेकिन बाघिन का पता नहीं चल सका।

अचानकमार टाइगर रिजर्व की ओर जाने की आशंका वन विभाग के अधिकारियों ने आशंका जताई है कि बाघिन जंगल के रास्ते अचानकमार टाइगर रिजर्व की ओर चली गई होगी। हालांकि, उसके वास्तविक मूवमेंट की अभी पुष्टि नहीं हुई है। वन विभाग की टीम संभावित रास्तों और आसपास के जंगलों में लगातार नजर बनाए हुए है। ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह बाघिन की संभावित मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने आसपास के गांवों में सतर्कता बरतने की अपील की है। ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि वे अकेले जंगल की ओर न जाएं और अनावश्यक रूप से जंगल में प्रवेश करने से बचें। इसके अलावा जंगल में किसी वन्यजीव के पगमार्क, शिकार के अवशेष या अन्य संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना देने कहा गया है। लोगों को वन्यजीव के करीब जाने, उसका पीछा करने या उसे परेशान करने से भी बचने की सलाह दी गई है। फिलहाल खुड़िया वन परिक्षेत्र के कारीडोंगरी इलाके में वन विभाग की निगरानी जारी है। बाघिन की वास्तविक मौजूदगी, उसके संभावित शिकार और मूवमेंट का पता लगाने के लिए आगे भी खोजबीन की जाएगी। अब देखना होगा कि वन विभाग की टीम को बाघिन का सुराग कब मिलता है।

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