डोंगरगांव , हायर सेकेंडरी स्कूल कुमरदा में इको क्लब प्रभारी बसंत कुमार यादव के नेतृत्व में ई-वेस्ट (इलेक्ट्रॉनिक कचरे) प्रबंधन कार्यशाला हुई। बताया गया कि इलेक्ट्रॉनिक कचरा उन बेकार या फेंक दिए गए बिजली, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को कहा जाता है जो खराब हो चुके व उपयोग के लायक नहीं है। जिसमें स्मार्टफोन, कम्प्यूटर, लैपटॉप, प्रिंटर, बैटरी ई, टीवी, ि फ्रज, वायर-केबल आदि।
ऐसे पदार्थ न तो सड़ते है न तो गलते है और जलाने पर विषैली गैस निकलती है, ऐसे अपशिष्ट पदार्थों को उचित विधि से निष्पादन करना चाहिए। ई वेस्ट मैनेजमेंट संग्रहण, पृथक्करण और पुनर्चक्रण और निपटारा कैसे करें इस विषय पर विस्तृत जानकारी दिए। व्याख्याता टिकेंद्र कुमार ने घरों, फैिक्ट्रयों से निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थ गीला , सूखा, सैनेटरी तथा विशिष्ट पदार्थों को अलग-अलग संग्रहण करने का तरीका बताया। संस्था प्रभारी अखिल पटेल ने कहा कि ई वेस्ट पर्यावरण के लिए बहुत घातक है, हम सबकी जिम्मेदारी है कि उचित विधि से ई कचरा का संग्रहण करें। उन्हें सामान्य कचरा से अलग रखें।
पेन भेंट किया गया ऐसे कचरे में बहुत से उपयोगी धातु पाए जाते हैं जिनका पुनः उपयोग किया जा सकता है और जहरीले कचरे को सुरक्षित तरीके से नष्ट किया जाना चाहिए। अपशिष्ट पदार्थ एवं पर्यावरण जागरूकता संबंधी प्रश्न मंच के बाद छात्रों को पेन देकर सम्मानित किया। ई वेस्ट कॉर्नर स्थापित किया गया, जहां छात्रों को हरे, नीले, लाल और काले डस्टबीनों में गीला, सूखा, सैनिटरी व ई वेस्ट रखने निर्देशित किया। रामकलिनंद भूआर्य, विमलेश्वरी रामटेके, मृणालिका पांडे, भारती यादव, पम्मी साहू, स्वाति बाला सोनी, योगेंद्र साहू उपस्थित थे।

