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CG : लोडिंग के दौरान टूटा हाईटेंशन तार, करंट लगने से मजदूर की मौत…

CG : लोडिंग के दौरान टूटा हाईटेंशन तार, करंट लगने से मजदूर की मौत...

CG : लोडिंग के दौरान टूटा हाईटेंशन तार, करंट लगने से मजदूर की मौत...

भिलाई । औद्योगिक नगरी भिलाई में एक बार फिर कंपनी परिसर में मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में है। जामुल थाना क्षेत्र स्थित PIE C प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी परिसर में ट्रेलर पर सामान लोडिंग के दौरान अचानक हाईटेंशन बिजली का तार टूटकर गिर गया। इसकी चपेट में आने से 34 वर्षीय मजदूर किशन महतो गंभीर रूप से झुलस गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

लोडिंग के दौरान टूटा हाईटेंशन तार
मिली जानकारी के अनुसार, किशन महतो कंपनी परिसर में ट्रेलर पर सामान लोडिंग का काम कर रहा था। इसी दौरान अचानक हाईटेंशन तार टूट गया और वह करंट की चपेट में आ गया। हादसा इतना गंभीर था कि किशन बुरी तरह झुलस गया। मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

इस हादसे का सबसे गंभीर पहलू यह है कि घायल मजदूर किशन महतो करीब 20 मिनट तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करता रहा। आरोप है कि उसे तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा सकी। आखिर कंपनी परिसर में आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था कहां थी? हादसे के बाद घायल मजदूर को तत्काल उपचार क्यों नहीं मिल पाया? ये ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब जिम्मेदार प्रबंधन को देना होगा।

6-7 साल से कंपनी में कर रहा था काम
मृतक किशन महतो खुर्सीपार के गौतम नगर का निवासी था और पिछले 6-7 वर्षों से कंपनी में काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। एक हादसे ने परिवार के कमाऊ सदस्य को छीन लिया। घटना के बाद परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

जिम्मेदारी तय होगी या मामला ठंडे बस्ते में जाएगा?
औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? हाईटेंशन तार टूटने की वजह क्या थी? क्या परिसर में बिजली लाइनों के आसपास पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम थे? क्या लोडिंग के दौरान आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था? और सबसे बड़ा सवाल—हादसे के बाद घायल मजदूर को समय पर चिकित्सा सुविधा क्यों नहीं मिली?

यह घटना केवल एक औद्योगिक दुर्घटना नहीं, बल्कि मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था और कंपनी प्रबंधन की जवाबदेही से जुड़ा गंभीर मामला है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग और पुलिस हादसे के कारणों की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करते हैं या नहीं।

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