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CG : किसानों के लिए बड़ी खबर! कांकेर में धान खरीदी की तारीख तय; ₹2441 और ₹2461 मिलेगा MSP …

CG : किसानों के लिए बड़ी खबर! कांकेर में धान खरीदी की तारीख तय; ₹2441 और ₹2461 मिलेगा MSP …

CG : किसानों के लिए बड़ी खबर! कांकेर में धान खरीदी की तारीख तय; ₹2441 और ₹2461 मिलेगा MSP …

कांकेर : छत्तीसगढ़ के उत्तर बस्तर कांकेर जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियां तेज हो गई हैं। जिले के पंजीकृत किसानों से 15 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक धान की खरीदी की जाएगी। जिला खाद्य शाखा से जारी जानकारी के अनुसार इस वर्ष कॉमन धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,441 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए धान का समर्थन मूल्य 2,461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। किसानों से प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल के मान से धान खरीदा जाएगा। धान खरीदी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने के लिए इस बार डिजिटल टोकन प्रणाली, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और निगरानी व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया है। किसानों को ‘तुहर टोकन’ ऐप के माध्यम से 24 घंटे टोकन प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी। वहीं अवैध धान की आवक रोकने के लिए जिले में कुल 13 चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं।

दो महीने तक चलेगी प्रक्रिया जिला खाद्य शाखा के अनुसार जिले में पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 नवंबर से प्रारंभ होगी और 15 जनवरी 2027 तक जारी रहेगी। इस अवधि में निर्धारित खरीदी केंद्रों पर किसानों से भारत सरकार द्वारा तय उचित औसत गुणवत्ता यानी एफएक्यू मानकों के अनुरूप धान खरीदा जाएगा। धान खरीदी नगद एवं लिंकिंग व्यवस्था के माध्यम से की जाएगी। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे धान विक्रय से पहले आवश्यक प्रक्रिया और गुणवत्ता संबंधी शर्तों की जानकारी प्राप्त कर लें, ताकि खरीदी केंद्रों पर किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

कॉमन धान ₹2,441 और ग्रेड-ए धान ₹2,461 प्रति क्विंटल चालू वर्ष के लिए, धान की दो मुख्य श्रेणियों के वास्ते अलग-अलग न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय किए गए हैं। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए, ‘कॉमन’ ग्रेड धान का MSP ₹2,441 प्रति क्विंटल और ‘ग्रेड-A’ धान का MSP ₹2,461 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल की सीमा तक धान की खरीद की जाएगी, जिसमें नमी की मात्रा अधिकतम 17% तक ही स्वीकार्य होगी। तय किए गए गुणवत्ता मानकों का पालन करना अनिवार्य है; यदि धान में नमी की मात्रा 17% से अधिक होती है, तो उसे खरीद के लिए स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसलिए, किसानों को सलाह दी जाती है कि वे खरीद केंद्रों पर धान लाने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि उनका धान अच्छी तरह से सूखा और साफ हो।

‘तुहर टोकन’ ऐप से 24 घंटे मिलेगी सुविधा धान खरीदी में किसानों को लंबी कतारों और अनावश्यक प्रतीक्षा से राहत देने के उद्देश्य से डिजिटल टोकन व्यवस्था लागू की गई है। किसान ‘तुहर टोकन’ ऐप के माध्यम से किसी भी समय टोकन प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। जारी व्यवस्था के अनुसार कुल टोकन का 70 प्रतिशत हिस्सा ऐप के माध्यम से और शेष 30 प्रतिशत टोकन समितियों के माध्यम से जारी किया जाएगा। टोकन प्राप्त करने के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अनिवार्य रखा गया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य वास्तविक पंजीकृत किसानों की पहचान सुनिश्चित करना और धान खरीदी में अनियमितताओं को रोकना है।

कितनी जमीन पर कितने टोकन मिलेंगे? धान खरीदी के लिए किसानों को उनके पंजीकृत रकबे के आधार पर टोकन उपलब्ध कराए जाएंगे। 2 एकड़ तक 1 टोकन, 2 से 10 एकड़ तक 2 टोकन, 10 एकड़ से अधिक 3 टोकन। दो एकड़ तक भूमि वाले किसानों के लिए एक टोकन जारी होने के साथ शेष रकबा स्वतः समर्पित होने का प्रावधान बताया गया है। ऐसे में किसानों को टोकन बनवाते समय अपनी धान की मात्रा और पंजीकृत रकबे की जानकारी सावधानीपूर्वक जांचनी चाहिए। अवैध धान खपाने पर रोक, 13 चेकपोस्ट स्थापित धान खरीदी व्यवस्था में कोचियों और बिचौलियों द्वारा अवैध रूप से धान खपाने के प्रयासों को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष निगरानी व्यवस्था तैयार की है। इसके अंतर्गत अनुविभाग और विकासखंड स्तर पर उड़नदस्ता दल गठित किए गए हैं। ये दल धान खरीदी केंद्रों और संबंधित क्षेत्रों में निगरानी करेंगे। जिले में कुल 13 चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं। इनमें दो चेकपोस्ट अंतरराज्यीय सीमा पर और 11 चेकपोस्ट जिला स्तर पर बनाए गए हैं। इन चेकपोस्ट के माध्यम से धान की अवैध आवक और परिवहन पर निगरानी रखी जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का लाभ वास्तविक पंजीकृत किसानों को ही मिले और खरीदी केंद्रों में बिचौलियों की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। किसानों के लिए जरूरी जानकारी धान बेचने से पहले किसानों को अपने पंजीयन, रकबे, टोकन और धान की गुणवत्ता संबंधी शर्तों की जांच करनी चाहिए। विशेष रूप से धान में नमी की मात्रा 17 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। जिन किसानों को मोबाइल ऐप के माध्यम से टोकन प्राप्त करने में कठिनाई हो, वे निर्धारित समिति व्यवस्था का उपयोग कर सकते हैं। हालांकि टोकन जारी करने की प्रक्रिया में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की शर्त लागू रहेगी। कांकेर जिले में 15 नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी को लेकर प्रशासन ने निगरानी और टोकन व्यवस्था की तैयारियां की हैं। आगामी दो महीनों तक चलने वाली इस प्रक्रिया में किसानों को निर्धारित समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने का अवसर मिलेगा।

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