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CG : कार खरीदने की जिद में नाबालिग ने खुद रची अपने ही किडनैपिंग की साजिश …

CG : कार खरीदने की जिद में नाबालिग ने खुद रची अपने ही किडनैपिंग की साजिश …

CG : कार खरीदने की जिद में नाबालिग ने खुद रची अपने ही किडनैपिंग की साजिश …

बिलासपुर। आधुनिक दौर में मोबाइल के बढ़ते असर और वेब सीरीज व टीवी सीरियलों में दिखाए जाने वाले क्राइम कंटेंट का बच्चों के मन-मस्तिष्क पर किस कदर दुष्परिणाम पड़ रहा है, इसका एक चौंकाने वाला मामला न्यायधानी बिलासपुर में सामने आया है। यहां एक नाबालिग लड़के ने अपनी लग्जरी कार खरीदने की जिद को पूरा कराने के लिए खुद के ही अपहरण की खौफनाक पटकथा रच डाली। उसने अपने पिता के मोबाइल पर मैसेज भेजकर 5 लाख रुपये की फिरौती मांग ली। घटना की भनक लगते ही परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई, वहीं मामले की गंभीरता को देखकर पुलिस अफसरों के भी होश उड़ गए। अफसर यह सोचने पर मजबूर हो गए हैं कि छोटी सी उम्र में बच्चों की सोच इस कदर आपराधिक कैसे हो सकती है?

मामला बिलासपुर जिले के रतनपुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, नाबालिग बीते कुछ दिनों से अपने माता-पिता से कार खरीदने की लगातार जिद कर रहा था। परिजनों ने उसकी उम्र और जरूरत को देखते हुए उसकी इस मांग को अनसुना कर दिया। परिजनों का ध्यान न देना नाबालिग को इतना नागवार गुजरा कि उसकी यह जिद हठ में बदल गई और उसने परिवार पर दबाव बनाने के लिए खौफनाक कदम उठा लिया। राहत की बात यह रही कि इस पूरी मनगढ़ंत किडनैपिंग की कहानी में कोई दूसरा बाहरी या आपराधिक किरदार शामिल नहीं था, वरना कोई बड़ी अनहोनी भी हो सकती थी। बिलासपुर पुलिस और एसीसीयू की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए नाबालिग को महज कुछ ही घंटों के भीतर सकुशल बरामद कर उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया है।

घटना के क्रम के मुताबिक, मंगलवार की सुबह करीब 9 बजे नाबालिग अपनी स्कूटी से लखराम गांव ट्यूशन जाने के लिए घर से निकला था। ट्यूशन निकलने के करीब डेढ़ घंटे बाद यानी सुबह 10:30 बजे के आसपास पिता के मोबाइल पर नाबालिग के ही नंबर से एक मैसेज आया। मैसेज पढ़ते ही पिता के होश उड़ गए; उसमें लिखा था कि नाबालिग का किडनैपिंग हो चुका है और उसे सही-सलामत छोड़ने के एवज में 5 लाख रुपये की फिरौती देनी होगी। घबराए पिता बिना एक पल गंवाए सुबह 11:30 बजे रतनपुर पुलिस थाने पहुंचे और बेटे के अपहरण व फिरौती की लिखित शिकायत दर्ज कराई। संवेदनशील मामला होते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) मधुलिका सिंह और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) की संयुक्त टीमों को तुरंत अलर्ट कर जांच में लगाया गया। साइबर सेल ने नाबालिग के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लिया।

पुलिस की तफ्तीश के दौरान ग्राम चौरहा देवरी स्थित एक तालाब के पास नाबालिग की लावारिस स्कूटी बरामद हुई। मोबाइल टावर की आखिरी लोकेशन भी इसी इलाके के आसपास ट्रेस की गई। पुलिस टीम जब चौरहा देवरी और आसपास के जंगल-ग्रामीण इलाकों में घेराबंदी कर सघन तलाशी चला रही थी, उसी दौरान शाम करीब 4 बजे नाबालिग ने खुद ही अपने पिता को फोन कर जानकारी दी कि वह ग्राम सेलर में मौजूद है और सुरक्षित है। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम तत्काल ग्राम सेलर पहुंची और नाबालिग को सकुशल अपने संरक्षण में लेकर थाने आई।

थाने में जब पुलिस और परिजनों ने उससे कड़ी पूछताछ की, तो सच्चाई सामने आई जिसे सुनकर सब दंग रह गए। नाबालिग ने स्वीकार किया कि वह हर हाल में कार खरीदना चाहता था। जब घरवाले उसकी बात नहीं मान रहे थे, तो उसने वेब सीरीज और क्राइम शो देखकर खुद के किडनैपिंग की स्क्रिप्ट तैयार की। उसने अपनी स्कूटी तालाब के पास छोड़ दी ताकि लोग समझे कि उसके साथ कोई हादसा या किडनैपिंग हुई है और फिर पिता को फिरौती का मैसेज भेज दिया। रतनपुर पुलिस ने नाबालिग और उसके परिजनों की काउंसिलिंग कर बालक को परिजनों को सौंप दिया है। वहीं पुलिस अफसरों ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल और उनकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखें।

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