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Durg : तांदुला नदी पुल के किनारे किसानों के लिए सड़क बनाने की मांग

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मनीष त्रिपाठी पत्रकार

रेलवे लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण से रास्ता बंद, किसान ने ब्रिज की चौड़ाई बढ़ाने व उचित मुआवजे की मांग

जनदर्शन में 61 आवेदन प्राप्त हुए

दुर्ग,जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार संयुक्त कलेक्टर श्री राहुल कुमार रजक ने जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे जनसामान्य लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुँचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार, आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 61 आवेदन प्राप्त हुए।

ग्राम विनायकपुर के किसानों ने अंडा-निकुम मार्ग पर तांदुला नदी पुल के किनारे आवागमन के लिए अलग सड़क बनाने की मांग की। किसानों ने बताया कि पुल की ऊंचाई अधिक होने से वर्तमान रास्ते पर ट्रैक्टर-ट्रॉली और भरी हुई गाड़ियां नहीं चढ़ पातीं। वहीं रास्ता संकरा होने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। किसानों ने पुल के किनारे खाली पड़ी जगह से वैकल्पिक सड़क बनाने की मांग की है, ताकि आवागमन सुगम और सुरक्षित हो सके। इस संबंध में किसानों ने लोक निर्माण विभाग में भी आवेदन सौंपा है। इस पर संयुक्त कलेक्टर ने एसडीएम दुर्ग को संबंधित निर्माण एजेंसी से समन्वय कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।

ग्राम धौराभाठा के किसान ने रेलवे की खरसिया-नया रायपुर-परमालकसा 5वीं एवं 6वीं रेल लाइन परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण के बाद बची जमीन तक पहुंचने का रास्ता उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने बताया कि उनकी भूमि अधिग्रहण में आ रही है। अधिग्रहण के बाद उनकी जमीन दो भागों में विभाजित हो गई है। रेलवे लाइन और पास में स्थित नाला होने के कारण करीब 2 एकड़ जमीन अप्रयोज्य भूमि बन गई है, जहां आने जाने के लिए कोई सार्वजनिक रास्ता नही बचा है। उन्होंने नाले पर प्रस्तावित रेलवे ब्रिज की चौड़ाई बढ़ाकर ट्रैक्टर एवं कृषि उपकरणों के आवागमन योग्य बनाने आवेदन दिया, ताकि शेष जमीन तक पहुंचने का रास्ता मिल सके। कृषक ने ब्रिज की चौड़ाई बढ़ाना संभव न होने पर बची हुई 2 एकड़ भूमि को भी रेलवे परियोजना में अधिग्रहण करके उचित मुआवजा राशि प्रदान करने की मांग की। इस पर संयुक्त कलेक्टर ने एसडीएम पाटन को निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।

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