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CG : अर्नब तूफान से फसलों को नुकसान, 10,400 किसानों ने दी सूचना …

CG : अर्नब तूफान से फसलों को नुकसान, 10,400 किसानों ने दी सूचना …

CG : अर्नब तूफान से फसलों को नुकसान, 10,400 किसानों ने दी सूचना …

बालोद : छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के कारण फसलों को हुए नुकसान के बाद जिला प्रशासन ने प्रभावित किसानों को राहत दिलाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। जिले में कृषि विभाग और फसल बीमा कंपनी की संयुक्त टीम द्वारा खेतों का सर्वेक्षण किया जा रहा है। अब तक 10,400 किसानों ने टोल-फ्री नंबर 14447 पर फसल क्षति की सूचना दर्ज कराई है। इनमें से 5,971 किसानों के खेतों का सर्वेक्षण पूरा किया जा चुका है। शेष किसानों के खेतों का सर्वे भी प्राथमिकता से कराया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशन में फसल क्षति का वास्तविक आकलन कर पात्र किसानों को शासन की फसल बीमा योजना के तहत नियमानुसार राहत दिलाने की पहल की जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा सर्वेक्षण कार्य की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि प्रभावित किसानों को समय पर बीमा दावा राशि का लाभ मिल सके।

10,400 किसानों ने दर्ज कराई नुकसान की सूचना कृषि विभाग के उप संचालक के अनुसार, चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के कारण जिले के विभिन्न क्षेत्रों में फसलों को नुकसान पहुंचने की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं। अब तक 10,400 किसानों ने फसल बीमा के टोल-फ्री नंबर 14447 पर अपनी फसल को हुए नुकसान की जानकारी दर्ज कराई है। इन सूचनाओं के आधार पर कृषि विभाग और संबंधित बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों द्वारा 31 अक्टूबर 2026 से संयुक्त सर्वेक्षण प्रारंभ किया गया है। सर्वेक्षण के दौरान किसानों के खेतों में पहुंचकर फसल की वास्तविक स्थिति देखी जा रही है और क्षति का आकलन किया जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि प्रभावित किसानों के नुकसान का सही मूल्यांकन हो और पात्र किसानों को बीमा योजना के प्रावधानों के अनुरूप सहायता मिल सके।

इन गांवों में पहुंची संयुक्त सर्वे टीम इसी क्रम में जिले के ग्राम भरदाकला, सिब्दी, जेवरतला और बोडेना में संयुक्त सर्वेक्षण किया गया। सर्वे के दौरान राजस्व कृषि विस्तार अधिकारी, फसल बीमा ब्लॉक कोऑर्डिनेटर, जनपद सदस्य प्रतिनिधि, सरपंच और संबंधित किसान उपस्थित रहे। अधिकारियों की टीम ने प्रभावित खेतों का निरीक्षण कर फसलों को हुए नुकसान का आकलन किया। इस दौरान किसानों और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की गई, ताकि फसल क्षति की वास्तविक स्थिति सामने आ सके। प्रशासन द्वारा सर्वेक्षण को पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से पूरा कराने पर जोर दिया जा रहा है। किसानों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर संबंधित खेतों का निरीक्षण किया जा रहा है।

5,971 किसानों के खेतों का सर्वे पूरा जिले में फसल क्षति के आकलन के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत अब तक 5,971 किसानों के खेतों का सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। प्राप्त 10,400 सूचनाओं की तुलना में यह लगभग 57 प्रतिशत है। शेष 4,429 किसानों के खेतों का सर्वेक्षण किया जाना बाकी है। जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों और बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों को सर्वेक्षण में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर फसल नुकसान का सही आकलन करें और समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करें।

कटाई के बाद खेत में रखी फसल के नुकसान पर भी बीमा प्रावधान कृषि विभाग ने बताया कि फसल बीमा योजना के अंतर्गत कुछ निर्धारित परिस्थितियों में कटाई के बाद खेतों में रखी फसल को हुए नुकसान पर भी बीमा दावा प्राप्त किया जा सकता है। योजना के प्रावधानों के अनुसार, कटाई के बाद खेतों में सुखाने के लिए फैलाकर रखी गई अथवा छोटे बंडलों में रखी गई अधिसूचित और बीमित फसल को ओलावृष्टि, चक्रवात, चक्रवाती वर्षा या बेमौसम बारिश जैसी प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान होने पर पात्रता के आधार पर क्षतिपूर्ति का प्रावधान है। हालांकि, बीमा दावा राशि का भुगतान फसल की पात्रता, बीमा की स्थिति और निर्धारित प्रक्रिया के तहत किए गए नुकसान के आकलन पर निर्भर करेगा। 10 दिनों में सर्वे पूरा करने के निर्देश राज्य शासन के निर्देशानुसार, बीमा कंपनियों को फसल क्षति की सूचना प्राप्त होने के बाद निर्धारित समय-सीमा में सर्वेक्षण पूरा करने को कहा गया है। जिले में प्राप्त सूचनाओं के आधार पर 10 दिनों के भीतर सर्वेक्षण एवं नुकसान का आकलन पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद पात्र किसानों के बीमा दावों का नियमानुसार निपटारा किया जाएगा। सर्वेक्षण पूरा होने के आधार पर ही संबंधित किसानों की दावा राशि निर्धारित की जाएगी। कलेक्टर के निर्देश पर लगातार निगरानी कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशन में जिला प्रशासन सर्वेक्षण कार्य की लगातार समीक्षा और निगरानी कर रहा है। कृषि विभाग और बीमा कंपनी की संयुक्त टीमों को प्रभावित किसानों के खेतों का सर्वेक्षण जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। जिले की सभी तहसीलों में सर्वेक्षण कार्य जारी है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्राकृतिक आपदा के कारण फसल नुकसान झेलने वाले पात्र किसानों को उचित आकलन के आधार पर फसल बीमा योजना का लाभ मिल सके। जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने और किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। सर्वेक्षण पूरा होने के बाद पात्र किसानों के बीमा दावों के निपटारे की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

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