डोंगरगांव , महापर्व दीपावली पूरे क्षेत्र में बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है। पूरा नगर जगमगाती लाइट से सराबोर है, लेकिन डोंगरगांव के कई प्रमुख मार्ग आज भी अंधेरे में डूबे हुए हैं। बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट को चालू कराने की मांग को लेकर युवा कांग्रेस द्वारा बीते 8 अक्टूबर को निकाला गया लालटेन मार्च भी प्रशासन की नींद खोलने में नाकाम रहा।
कांग्रेस के इस विरोध प्रदर्शन के बाद नगर पालिका प्रशासन ने नगर के अंदरूनी हिस्सों की लाइटें तो चालू कर दीं, लेकिन मुख्य और व्यस्ततम मार्गों को अब भी अंधेरे के साए में छोड़ दिया गया है। नगर के सबसे व्यस्ततम थाना चौक से लेकर तिगाला पेट्रोल पंप तक मुख्य मार्ग की स्ट्रीट लाइट पूरी तरह बंद पड़ी हैं। हरिओम नगर से लेकर गांधी पेट्रोल पंप तक के मार्ग पर भी रोशनी का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हो सका है। दीपावली में भी इन इलाकों के नागरिकों और राहगीरों को जान जोखिम में डालकर अंधेरे में ही आवागमन करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
खंभे लगे पर रोशनी गायब: कुछ माह पहले ही नगर के मुख्य मार्गों पर नए बिजली खंभे (इलेक्ट्रिक पोल) स्थापित किए गए थे, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी इनमें लाइट चालू नहीं की गई। इसी लापरवाही के विरोध में 8 अक्टूबर को युवा कांग्रेस के बैनर तले कांग्रेस भवन से राजीव गांधी चौक और फव्वारा चौक होते हुए लालटेन मार्च निकाला गया था। इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की थी। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि सड़कों पर छाया अंधेरा और बीच सड़क पर बैठे लावारिस मवेशी रोजाना हादसों का सबब बन रहे हैं। हालांकि, इस प्रदर्शन का असर भी केवल आंशिक ही रहा और समस्या का कोई स्थायी हल नहीं निकल सका।

