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दशहरा का उत्सव बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक हैं – नरसिंग भंडारी

दशहरा का उत्सव बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक हैं – नरसिंग भंडारी

राजनांदगांव – स्थानीय गोटाटोला अंचल के ग्राम-मोहभटटा में दशहरा का पर्व धूमधाम से मनाया गया ।


उक्त कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में माननीय श्री नरसिंग भंडारी जी( जिला पंचायत सदस्य व वन,जल,लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी सभापति),अध्यक्षता माननीय श्री टेकराम भंडारी जी( जनजाति गौरव समाज संभाग अध्यक्ष छत्तीसगढ़ ),विशिष्ट अतिथि श्री लखन कलामे जी (महामंत्री भाजपा मंडल मोहला ) ,श्री चैतराम कोमरे जी( जनपद सदस्य), श्री गोपाल कोरेटी जी ( सरपंच),श्री राजू डोंगरे जी( महामंत्री अनुसूचित जाति भाजपा) के रूप में मंच में विराजमान रहे।
    कार्यक्रम में अपने उद्बोधन में कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि श्री लखन कलामे जी ने कहा कि दशहरा का पर्व आपसी भाईचारा ,प्रेम-भाव व सौहाद्र का पर्व है । जो असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक हैं ।हमारी संस्कृति विश्व बन्धुत्व की भावना का पोषक है ।इस कड़ी मे कार्यक्रम के अध्यक्षता कर रहे श्री टेकराम भंडारी जी कहा कि दशहरा का पर्व भगवान श्री राम के द्वारा रावन रूपी बुराई पर विजय प्राप्त करने का पर्व निरोपित करते हुए रामायण के कथानक को प्रेषित करते हुए जनमानस को दशहरा पर्व की बधाई प्रेषित किये।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य श्री नरसिंग भंडारी जी ने पर्व विशेष अवसर में अपने उद्बोधन में कहा कि दशहरा का पर्व समाज में आसुरी शक्तियों पर विजय प्राप्त करने का पर्व बताया और इस उत्सव को बुराई के प्रति अच्छाई के प्रति जीत का पर्व रेखांकित करते हुए युवाओ को ऐसे पर्वों मे आगे आकर पहल करने की बात उन्होने कही। साथ ही इस कार्यक्रम के माध्यम से गांव के प्रतिभावान कलाकारो द्वारा झाकी  प्रदर्शनिय प्रतियोगिता में विजेता रहे सभी कलाकारों को बहुत बहुत बधाई प्रेषित करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।ज्ञात हो कि कार्यक्रम मे श्रीराम सेना के द्वारा रावण वध व दहन कार्यक्रम को रोचक ढंग से परोसते हुए पूरे ग्राम के गली-मोहल्लों में अद्भूत झांकी की प्रदर्शनी किया गया । इन प्रदर्शनी झांकी को देखते व प्रेरणा लेते हुए रावण दहन का कार्यक्रम संपन्न हुआ ।इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से ग्राम पटेल,श्री चिंताराम नायक,नोहर साहू जी,नोहर साहू जी,चुम्मन साहू,समस्त ग्रामवासी व आस-पास के ग्रामों की आत्मीय जनों की उपस्थिति रही।

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