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समीर वानखेड़े ने दलित का हक छीनकर नौकरी पाई, ऑनलाइन सर्चिंग में भी नहीं मिल रहा सर्टिफिकेट

समीर वानखेड़े ने दलित का हक छीनकर नौकरी पाई, ऑनलाइन सर्चिंग में भी नहीं मिल रहा सर्टिफिकेट

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता नवाब मलिक ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके एनसीबी के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े पर एक बार फिर से गंभीर आरोप लगाया है। मलिक ने कहा कि मैं दावे के साथ एक बार फिर से कह रहा हूं कि वानखेड़े ने नकली बर्थ और कास्ट सर्टिफिकेट लगाकर ही नौकरी पाई। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति फर्जी कागजातों के आधार पर शेड्यूल कास्ट कैटेगरी में नौकरी हासिल करता है, कहीं न कहीं इससे एक दलित व्यक्ति जो झोंपडी में या स्ट्रीट लाइट के नीचे पढ़ रहा होगा, उसका हक छिनेगा।

मलिक ने कहा कि जो बर्थ सर्टिफिकेट हमारे पास है वो असली है। मुंबई में बर्थ सर्टिफिकेट ऑनलाइन सर्च करके हासिल किए जा सकते हैं। वानखेड़े की बहन का भी ऑनलाइन है, लेकिन वानखेड़े का सर्टिफिकेट ऑनलाइन उपलब्ध नहीं है।

दलित संगठन करेंगे कानूनी कार्रवाई की मांग
मलिक ने कहा कि सारे दलित संगठन मुझसे बात कर रहे हैं और इस सर्टिफिकेट को लेकर स्क्रूटनी कमेटी के सामने अपनी शिकायत दर्ज कराएंगे और मांग करेंगे कि एक दलित का हक छीनकर उन्होंने फर्जीवाड़ा करके सरकारी नौकरी हासिल की। इसके लिए  उनपर कार्रवाई की जाए।

नवाब मलिक ने वानखेड़े के मुस्लिम होने का किया था दावा
एनसीपी नेता नवाब मलिक ने सोमवार को वानखेड़े का सर्टिफिकेट शेयर कर उनके मुस्लिम होने का दावा किया था, जिसे उन्होंने अब सही बताया है। उन्होंने वानखेड़े पर जाति का फर्जी प्रमाणपत्र बनवाकर सरकारी नौकरी पाने का आरोप लगाया है। नवाब मलिक ने एक बर्थ सर्टिफिकेट की कॉपी शेयर की थी। दावा किया गया कि यह बर्थ सर्टिफिकेट समीर वानखेड़े का है। इसमें पिता का नाम ‘दाऊद क. वानखेड़े’ लिखा है। वहीं धर्म की जगह पर ‘मुस्लिम’ लिखा है। इसके अलावा नवाब मलिक ने आरोप लगाते हुए ये भी कहा कि समीर की पहली शादी एक मुस्लिम लड़की से हुई थी। वैसे इन सब आरोपों पर समीर ने सफाई दी है और तमाम आरोपों को गलत करार दिया है लेकिन अब क्रांति रेडकर वानखेड़े अपने पति के समर्थन में उतर आई हैं।

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