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शहीद विप्लव के अंतिम दर्शन के लिए उमडे लोगों ने नम आखों से अपने लाडले को दी विदाई

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मणिपुर में उग्रवादी हमले में शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी, उनकी पत्नी अनुजा और पुत्र अबीर का पार्थिव शरीर सोमवार को दोपहर 12:30 बजे भारतीय वायु-सेना के विशेष विमान AN-32 से रायगढ़ स्थित जिंदल हेलीपैड पहुंचा। यहां से उन्हें सीधे उनके निवास लाया गया। यहां सामाजिक परांपरानुसार क्रियाकर्म के बाद लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रामलीला मैदान लाया गया। इसके बाद शहर के मुख्य मार्ग होते हुए सर्किट आउस रोड स्थित मुक्तिधाम तक अंतिम यात्रा निकाली गई। यहां स्वजन, सैन्य अफसर, जनप्रतिनिधि, पुलिस—प्रशासन और भारी संख्या में जनता की उपस्थि​ति में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दीे गई। शहीद कर्नल विप्लव के घर के बाहर शहरवासी जयघोष करते रहे।

शोक में बंद शहर की दुकानें:

शहीद कर्नल परिवार के शहादत को लेकर शहर में व्यपारियों द्वारा दुकान बंद करने का आव्हान किया था। इसे लेकर सुबह से ही अधिकांश काम्प्लेक्स व अन्य प्रतिष्ठान प्रतिष्ठित बंद रही। एकादशी पूजा के लिए कुछ दुकानें खुली है, इसे देखते हुए लोग जल्दी जल्दी खरीदी में जुट गए है।

उग्रवादियों ने घात लगाकर किया था हमला

उग्रवादी हमला शनिवार की सुबह 11 बजे चुराचंदपुर के सिन घाट सब डिवीजन में तब हुआ जब 46 असम राइफल्स के कमांडिंग अफसर कर्नल विप्लव की तीन गाड़ियों का काफिला निरीक्षण से लौट रहे थे। उग्रवादी यहां मोर्टर व अन्य हथियारों से घात लगाकर बैठे थे। कर्नल के काफिले में पहली गाड़ी ब्लास्ट से उड़ गई। बीच की गाड़ी में कर्नल और उनका परिवार था। ऐसे में दोनों गािडयों पर उग्रवादियों ने मोर्टार और गोलियों की बौछार शुरू कर दी। इससे घटनास्थल पर ही कर्नल विप्लव( 40) शहीद हो गए। उनकी पत्नी अनुजा की भी हमले से मौत हो गई जबकि बेटा अबीर (5) गंभीर रूप से घायल हो गया। अबीर की इलाज के दौरान मौत हो गई।

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