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केन्द्र एवं राज्य सरकार से पूर्ण शराबबंदी करने की मांग : छ.मु.मो

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राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ मुक्तिमोर्चा के उपाध्यक्ष मेघदास वैष्णव ने बताया कि लाकडाउन में केन्द्र के आदेशानुसार राज्य सरकार द्वारा शराब दुकान बंद की गई थी। शराब बंद होने जहां एक ओर असामाजिक कार्यों में लगाम लग गया था वहीं दूसरी ओर केन्द्र सरकार के निर्देशानुसार राज्य सरकार ने पून: शराब चालू की गई। जिसमें आम जनता में आक्रोश व्याप्त हो रहा है। शराब दुकान खोलने की छमुमो ने कड़ा विरोध किया है। श्री वैष्णव ने बताया कि केन्द्र की सरकार एवं पूर्व में 15 साल भाजपा की सरकार सत्ता में कायम थी। उस समय भी शराब की बिक्री जोरों पर जारी थी। राज्य में कांग्रेस की सरकार आने के बाद शराब की बिक्री निरंतर जारी है। एक कहावत है कि आगे कुआ पीछे खाई-कांग्रेस भाजपा भाई भाई। कांग्रेस एवं भाजपा ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आदर्श में चलने की बात कहते हैं जबकि महात्मा गांधी ने शराबबंदी के खिलाफ संघर्ष किये थे।  लेकिन केन्द्र एवं राज्य सरकार उनके आदर्शों की अव्हेलना करते हुए देश में प्रदेश में शराब की दुकान संचालित कर शराब की नदीयां बहा रहे हैं। प्रदेश की महिलाएं एवं कई सामाजिक संगठनों ने आए दिन शराबबंदी के खिलाफ सरकार का ध्यान आकर्षित करते आ रहा हैं। श्री वैष्णव ने बताया कि कांग्रेस-भाजपा की सरकार सत्ता पाने के लिए पंचायत से लेकर लोकसभा के चुनाव में अंधाधूंध शराब बांटकर सत्ता में काबिज होने के लिए विकल्प बनाए रखे हैं। सरकार द्वारा आय का श्रोत बताकर आम जनता को गुमराह किया जा रहा है। जबकि आय का श्रोत छत्तीसगढ़ में अपार खनिज संपदा से भरपुर है। केन्द्र एवं राज्य सरकार चाहे तो आय का श्रोत किसी अन्य योजना से संचालित कर सकते हैं। केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा चुनाव में अनेक घोषणाएं शराबबंदी, महंगाई कम करने, बेरोजगारी दूर करने जैसे बड़े बड़े वायदे कर जनता से वोट हासिल कर अपनी खुर्सी सलामत करते हैं। चुनाव जीतने के बाद सारे वायदे भूलकर आम जनता की जरुरतमंद चीजों से ध्यान हटाकर एक दूसरे के प्रति आरोप प्रत्यारोप में मसगूल हो जाते हैं। वैष्णव ने कहा कि सर 1977 में शरीह शंकर गुहा ने शराबबंदी आंदोलन छेड़ा था। जिसे आज भी शराबबंदी के खिलाफ छमुमो द्वारा आंदोलन जारी रखा है। वैष्णव ने केन्द्र एवं सरकार से मांग करते हुए कहा कि पूर्ण शराबबंदी करने की मांग की है।

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