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रायपुर में घासीदास की जयंती, सुबह से ही जय-जय सतनाम की गूंज

18_12_2021-guru_ghasidas

सतनाम धर्म के प्रणेता गुरु घासीदास की 265वीं जयंती शनिवार को मनाया जा रहा है। सुबह से ही राजधानी के विभिन्न मोहल्लों में जय-जय सतनाम की जयघोष सुनाई दे रहा है। जगह-जगह पंथी नृत्य और बाबा के जीवन पर आधारित झांकी प्रदर्शित की जा रही है। जिसमें सजे-धजे बच्चे आकर्षण का केंद्र बने हैं।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले सतनामी समाज के अपनी एकजुटता का परिचय देते हुए गुरुवार को सात श्वेत ध्वजवाहक संतों की अगुवाई में सतनामी समाज के लोगों ने भव्य शोभायात्रा निकाली, जिसमें हजारों की संख्या में सफेद वस्त्र धारण किए समाज के अनुयाई सपरिवार शामिल हुए।

राजधानी में न्यू राजेंद्र नगर में मुख्य आयोजन

सार्वजनिक गुरु घासीदास जयंती आयोजन समिति का प्रमुख आयोजन राजधानी के न्यू राजेंद्र नगर के सतनामी भवन में किया जा रहा है। यहां जैतखाम में क्रेन की सहायता ध्वज चढ़ाया जाएगा। इसके अलावा बच्चों का रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन समेत बाबा के जीवन पर आधारित संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। संगोष्ठी में सतनामी समाज के प्रमुख लोग शामिल हैं। इसके अलावा समाज हित के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का सम्मान किया जाएगा।

पंथी नृत्य

इधर राजधानी में विभिन्न चौक-चौराहों में बाबा के भजन सुनाई दे रही है। जैसे झूम झूम के नाचो गा पंथी…., सन्ना ना नन्ना मोर ललना… अनेकों पंथी गीतों में बैंड व धुमाल की धुनों और डीजे में बजते गीतों पर गोल घेरा बनाए महिलाएं, युवती सामूहिक नृत्य कर रही है। वहीं बच्चों और युवाओं की टोलियां पूरे उमंगों में नृत्यों की बौछार कर रहे थे।

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