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छत्‍तीसगढ़ सरकार को अब ग्रामीण इलाकों की सड़कों की चिंता

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प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत सबसे ज्यादा सड़कें बनाकर छत्तीसगढ़ ने देश में पहला स्थान का हासिल कर लिया है, लेकिन अब सरकार को सड़कों के रखरखाव की चिंता सता रही है। इस कारण सरकार स्टेट क्वालिटी मॉनीटर्स रखने जा रही है।

इनका काम आगे बनने वाली सड़कों की गुणवत्ता पर नियंत्रण रखना भी होगा, ताकि ग्रामीण इलाकों की सड़कें लंबे समय तक चलें। इस कारण स्टेट क्वालिटी मॉनीटर्स के लिए सड़क निर्माण के अलावा रखरखाव का अनुभव भी मांगा गया है।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की एजेंसी छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण को स्टेट क्वालिटी मॉनीटर्स रखने की जिम्मेदारी दी गई है। स्टेट क्वालिटी मॉनीटर्स के लिए कार्यपालन अभियंता (सिविल) या उससे उच्च पद से सेवानिवृत्त अभियंताओं और छत्तीसगढ़ व पड़ोसी राज्यों के इंजीनियरिंग या पॉलिटेक्निक कॉलेज के सेवानिवृत्त प्राध्यापकों (सिविल इंजीनियर) से आवेदन मंगाया गया है।

प्रदेश में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत दो हजार किमी से ज्यादा सड़क बनाई जा चुकी है। सरकार को यह शिकायत मिलने लगी है कि पहले बनी सड़क खराब हो रही हैं, उनका रखरखाव नहीं किया गया, तो सड़कें पूरी तरह से खराब हो जाएंगी। इस कारण सड़कों को बचाने की कवायद शुरू की जा रही है।

सड़कें बना तो लीं, संधारण के मांगा अनुदान

छत्तीसगढ़ ने ज्यादा सड़कें तो बना ली हैं, लेकिन अब उनके संधारण के लिए प्रदेश सरकार के पास बजट का संकट है। इस कारण केंद्र सरकार के बजट के पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के संधारण के लिए अनुदान राशि बढ़ाने का सुझाव दिया था।

लक्ष्य का 89 फीसद का पूरा

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत राज्यों को वर्ष 2020 तक ग्रामीण इलाकों में सड़क निर्माण का लक्ष्य दिया गया है। छत्तीसगढ़ को 2248.71 किमी सड़क बनाने का लक्ष्य मिला है, जिसके एवज में 2013.64 किमी सड़क बनाई जा चुकी है। यह लक्ष्य का 89 फीसद है। दूसरे नम्बर पर तमिलनाडु ने 80 फीसद, तीसरे नम्बर पर केरल 72 फीसद, चौथे नम्बर पर मध्यप्रदेश ने 69 फीसद काम पूरा किया है।

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