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कोरोना पीक आया तो बिना टीका और कमजोर इम्‍यूनिटी वालों को ही ज्यादा खतरा

19_01_2022-covid-19_cg

छत्तीसगढ़ में वही कोरोना संक्रमित गंभीर हो रहे और मौत का कारण बन रहा। जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है या जिन्होंने टीका नहीं लगाया है। राज्य कोरोना नियंत्रण अभियान के नोडल अधिकारी डाक्टर सुभाष पांडेय ने बताया कि कोरोन संक्रमण दूसरी लहर की तुलना में अधिक तेजी से फैल रहा है। ऐसे में फरवरी में तीसरी लहर का पीक आने की आशंका है। ऐसा हुआ तो टीका ना लगवाने और किसी बीमारी से ग्रस्त कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों पर इसका अधिक प्रभाव पड़ेगा।

लोगों को कोरोना के बढ़ते संक्रमण को लेकर सावधान रहने की अधिक आवश्यता है। आम्बेडकर अस्पताल, रायपुर में क्रिटिकल केयर एक्सपर्ट डा. ओपी सुंदरानी ने बताया कि अब तक जितने केस आए हैं। उनमें गंभीर मरीजों की संख्या बेहद कम है। कम संक्रमण होने की वजह से अधिकांश मरीज होम आइसोलेशन में स्वस्थ हो जा रहे। किसी बीमारी से पीड़ित या टीका नहीं लगवाने वाले मरीजों के लिए खतरा अधिक है।

इस बार कोरोना का फैलाव काफी तेज है। बचाव के लिए सकर्तता बरतें। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक प्रदेश में इलाज के लिए 21,478 बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। ऐसे में सिर्फ 4.10 फीसद बिस्तरों में ही मरीज भर्ती हैं। जबकि 95.89 फीसद बिस्तर खाली हैं। वहीं रायपुर जिले की बात करें तो यहां 8,462 सक्रिय मरीज हैं। जिले में कुल 4,950 बिस्तरों में 7.11 फीसद बिस्तरों में मरीज भर्ती हैं। चिकित्सकों ने बताया कि जो मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। वह या तो पहले से बीमारियों से ग्रस्त हैं। या टीका नहीं लगवाया है।

जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि संक्रमित होने पर होम आइसोलेशन में रहने के लिए http://cghomeisolation.com पर पंजीयन करा सकते हैं। होम आइसोलेशन में रहने वाले कोरोना संक्रमित मरीजों को घर पहुंच दवाई उपलब्ध कराई जा रही है। मरीजों के निरंतर चिकित्सकीय देखभाल के लिए उन्हें नियमित रूप से चिकित्सकों की सलाह भी दी जा रही है। वहीं गंभीर रोगियों को अस्पताल में भर्ती कराने की व्यवस्था भी की गई है। शासकीय और निजी अस्पतालों में बिस्तर की स्थिति के लिए govthealth.cg.gov.in पर जानकारी ली जा सकती है।

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