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छत्‍तीसगढ़ में नदियों के किनारे लहलहाएगी हरियाली, 28 नदियों के तट पर रोपे गए 11 लाख पौधे

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छत्‍तीसगढ़ में बीते मानसून सीजन के दौरान राज्य की 28 नदियों के तट पर करीब 11 लाख पौधे रोपे गए हैं। इनमें फलदार व औषधीय पौधों के साथ इमारती लकड़ी के पौधे शामिल हैं। इसका रकबा करीब 978.785 हेक्टेयर है। वन विभाग के अफसरों के अनुसार इससे न केवल पर्यावरण में सुधार होगा बल्कि नदी तट का कटाव भी रुकेगा। नदी के किनारे पौधा रोपण की योजना का प्रस्ताव करीब पांच वर्ष पहले बनाया गया था, लेकिन इस पर अब अमल हो पाया है।

सरगुजा की रेड़ नदी के तट पर लगाए गए सबसे ज्यादा पौधे

प्रधान मुख्य वन संरक्षक व वन बल प्रमुख राकेश चतुर्वेदी ने बताया कि रेड़ नदी के किनारे 150 हेक्टेयर क्षेत्र में एक लाख 65 हजार पौधे लगाए गए हैं। वहीं, सेंदुर नदी तट के 135 हेक्टेयर एक लाख 49 हजार पौधे रोपे गए हैं। इसी तरह बनास और महान नदी तट के 70-70 हेक्टेयर रकबा में 77-77 हजार पौधे लगाए गए हैं।

वन विभाग के अफसरों के अनुसार रेड जिसे रिहंद नदी भी कहते हैं। यह नदी मुख्य रूप से सरगुजा क्षेत्र में बहती है। महान, मोरनी, घुनघुट्टा व गोबरी समेत इसकी कई सहायक नदियां हैं।आबादी क्षेत्रों में रुकेगा वन्य जीवों का आनाप्रदेश में बंदर, भालू और हाथी समेत अन्य वन्य जीव बड़ी संख्या में इंसानी बस्तियों तक पहुंच जाते हैं। विश्ोषज्ञों की वन्य जीव भोजन की तलाश में इंसानी बस्तियों की तरफ आते हैं। यही वजह है कि प्रदेश सरकार ने जंगल और उसके आसपास के क्षेत्रों में फलदार पौधे लगाने का फैसला किया है।

वनमंत्री मोहम्मद अकबर की राय में वन्य जीवों को यदि जंगल में ही भोजन मिल जाएगा तो वे आबादी वाले क्षेत्र में उनके आने की संभावना कम हो जाएगी। यही वजह है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर राम वनगमन परिपथ में भी बड़े पैमाने पर फलदार पौधे लगाए जा रहे हैं।जंगलों में की गई है 25 लाख सीड बाल की बोआई

इस वर्ष जुलाई में राज्य राज्य के वन और वनेत्तर क्षेत्रों में 25 लाख सीड बाल की बोआई की गई। इसमें 50 हजार किलो फलदार पौधों के बीज और छह हजार 500 किलो सब्जी बीज शामिल थे। इसमें मुख्य रूप से बेर, जामुन, बेल, सीताफल, करौंदा, लौकी, बरबट्टी, भिंडी, बैंगन व मुनगा आदि के बीज थे।इन नदियों के तटों पर रोपे गए पौधेनदी रकबा रोपे गए पौधे

महानदी 52 57 हजार 200नारंगी 44 48 हजार 671हसदेव 42 46 हजार 200जोंक 40 44 हजारबरन 35 38 हजार 500तांदुला 30 33 हजारभैसुन 30 33 हजारपैरी 30 33 हजार

भंवरडीह 27 29 हजारसेमरखाड़ 25 27 हजार 500भूपका 25 27 हजार 500मोरन 25 27 हजार 500ओदारी 25 27 हजार 500इंद्रावती 20 22 हजारअटेम 20 22 हजारसूर्या 10 11 हजार

कंहर 10 11 हजारपथेल 10 11 हजारउभय 10 11 हजारशबरी 05 5500च-ा-बु-ा 05 7500केलो 1.88 780ईब 01 200दूध 01 830

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