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छत्तीसगढ़ में फिलहाल नहीं शुरू होगी अंतर्राज्यीय बस सेवा, सरकार ने पड़ोसी राज्यों को लिखा पत्र

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रायपुर. छत्तीसगढ़ में अंतर्राज्यीय बस सेवा फिलहाल अभी नहीं चलेगी. लॉकडाउन 4.0 में आपसी समझौते से अंतर्राज्यीय बस संचालन की अनुमति मिलने के बावजूद भी राज्य में दूसरे राज्यों से आने वाली बसों को घुसने की इजाजत नहीं होगी. परिवहन विभाग के सचिव कमलप्रीत सिंह के निर्देश पर पड़ोसी राज्यों के ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को इस बाबत पत्र जारी कर दिया है. अपने पत्र में राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश, ओड़िशा, झारखंड, बिहार, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र सरकार को जानकारी दे दी है कि फिलहाल प्रदेश में उन राज्यों के बसों को घुसने की इजाजत नहीं होगी. सरकार की मानें तो प्रदेश में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर ये फैसला लिया गया है.

राज्य सरकार ने अपने पत्र में कहा है कि कोरोना के फैलाव को रोकने की दृष्टि से छत्तीसगढ़ में आगामी आदेश तक अंतर्राज्यीय यात्री वाहन के परिचालन को स्थगित रखा गया है. पड़ोसी राज्यों से अनुरोध किया गया है कि वो छत्तीसगढ़ में बसों को संचालित करने वाली संस्थाओं को इसकी जानकारी दें कि अभी छत्तीसगढ़ में अंतर्राज्यीय बसों का आना आगामी आदेश तक के लिए प्रतिबंधित रहेगी.आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ में लॉकडाउन के चलते पिछले करीब 60 दिनों से बस सर्विस की सेवा बंद है. बस सर्विसेज संघ ने भी सरकार से कई बार अपनी गुहार लगाई है. राज्य सरकार ने लॉकडाउन के दौरान बस-ट्रक नहीं चलने से हुए नुकसान को देखते हुए वाहनों का टैक्स माफ कर दिया है.  यात्री वाहन, माल वाहन, स्कूल, सिटी बसों और प्राइवेट सेवायान बसों के देय मासिक/त्रैमासिक कर में आंशिक छूट दी गई है. अब 30 जून तक टैक्स जमा कर सकते हैं. बसों का दो माह और ट्रकों का एक माह का टैक्स माफ किया गया है. बहरहाल कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के देखते हुए राज्य सरकार ने फैसला लिया है. आने वाले समय में राज्य सरकार संक्रमण की संख्या में कमी आने के बाद कुछ फैसला ले सकती है.

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