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रायपुर में तहसीलदारों की हड़ताल से आम लोगों की बढ़ी परेशानी

16_02_2022-thasildaro_ki_hartal

रायपुर । रायगढ़ तहसील में हुई मारपीट की घटना के विरोध में बीते दो दिनों से प्रदेश भर के तहसील कार्यालयों में कामकाज ठप है। अधिकारियों की इस हड़ताल से यहां आने वाले आम लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। नामांतरण, प्रापर्टी सहित मामलों को लेकर यहां आने वाले आम लोग मायूस होकर लौटने लगे हैं। तहसील न्यायालयों में होने वाली सुनवाई भी 15 दिन आगे के लिए टाल दी गई है।

लगातार तीसरे दिन बुधवार को भी रायपुर समेत प्रदेश भर में तहसील कार्यालयों में कामकाज ठप रहा। छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के आह्वान पर मंगलवार दोपहर बूढ़ातालाब धरना स्थल पर प्रदेश भर के अधिकारियों, कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। संघ के प्रांताध्यक्ष केके लहरे ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होगी। यह हड़ताल जारी रहेगी।

प्रदेश के सभी राजस्व न्यायालयों में भयमुक्त व स्वास्थ्य वातावरण बनाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। इस हड़ताल को छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने भी समर्थन दिया है। दूसरी ओर मंगलवार को रायपुर अधिवक्ता संघ ने भी काली पट्टी लगाकर विरोध प्रदर्शन किया।

15 दिन आगे टाली गई सुनवाई

तहसील कार्यालय रायपुर में आने वाले उपभोक्ताओं के लिए सूचनाएं लगा दी गई है। सूचना में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ द्वारा की जा रही हड़ताल की वजह से तहसील कार्यालय रायपुर के सभी न्यायालयों में 15 फरवरी को होने वाली सुनवाई सात मार्च को होगी। इसी प्रकार 14 फरवरी को होने वाली सुनवाई 28 फरवरी के लिए टाल दी गई है।

रायपुर जिले में 2,987 मामले लंबित

नामांतरण सहित अन्य मामलों को लेकर रायपुर जिले के तहसील न्यायालयों में अब तक 2987 मामले लंबित है। इनमें से अकेले रायपुर में 835 मामले लंबित पड़े हैं। बताया जा रहा है कि इनमें से 195 ऐसे मामले है,जिनकी समय-सीमा भी खत्म हो चुकी है।

इन्होंने यह कहा

माह भर से नामांतरण के लिए भटक रहा हूं। पिछले माह जनवरी की तारीख थी और 15 फरवरी को बुलाया गया था। अब हड़ताल की वजह से वापस लौटना पड़ा।

दिनेश पटेल, भाटागांव निवासी

नहीं हुआ काम

जमीन संबंधी काम के लिए कई बार चक्कर लगा चुका हूं। मंगलवार 15 फरवरी को बुलाया गया था, लेकिन अब हड़ताल की बात कह रहे हैं।

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