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भगवान भोलेनाथ की भक्ति में डूबे बजरंगी, तस्‍वीरों में देखें महादेव के कई रूप

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छत्‍तीसगढ़ में मंगलवार को प्रदेशभर में महाशिवरात्रि का पावन पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। तड़के चार बजे से ही मंदिरों की घंटियां भी भोले की अराधना में गूंज रही हैं। लोग आज दिनभर व्रत रखकर महादेव की अराधना करेंगे।

इसके पहले सोमवार को ही उत्सव छाया रहा। राजधानी रायपुर, धमतरी, राजनांदगांव, बालोद, कांकेर में भगवान भोलेनाथ की सवारी निकली, तो कहीं पर शोभायात्रा में भगवान नाचते हुए दिखे। इसके साथ ही बच्चे भी भगवान का रूप धरकर निकले।

राजनांदगांव में भगवान महाकाल की शोभायात्रा निकाली गई। इसमें हरियाणा से आए कलाकारों ने भगवान भोलेनाथ का रूप धारण कर जय महाकाल के जयघोष के साथ जमकर नृत्य किया।

अघोरी का रूप धरे गण भी शि के पीछे चल रहे थे। इसके साथ ही इस शोभायात्रा में शामिल महाकाल की झांकी भी बरबस ही सबका ध्यान खींच रही थी। झांकी में भगवान का अभिषेक करते हुए दिखाया गया था।

बालोद जिला मुख्यालय का दसौंदी तालाब जलेश्वर महादेव के नाम से प्रसिद्ध है, जहां महाशिवरात्रि पर अभिषेक करने बड़ी संख्या में भक्त उमड़ते हैं।

बोड़की, चौरेल, भोथली में होगी विशेष पूजा

बालोद जिले के ग्राम चौरेल स्थित प्राचीन शिव मंदिर, कमरौद स्थित भू-फोड़ हनुमान मंदिर, बोड़की स्थित प्राचीन शिव-हनुमान मंदिर व ग्राम भोथली स्थित बूढ़ादेव मंदिर में भी महाशिवरात्रि पर विशेष पूजा की जाएगी। महाशिवरात्रि को देखते हुए मंदिर समितियों के द्वारा तैयारी भी लगभग पूरी कर ली गई है। ग्राम बोड़की स्थित शिव हनुमान मंदिर में भी विविध आयोजन किया जा रहा है।

कावंड़ियों के द्वारा रामघाट से जल लेकर भोलेनाथ का करेंगे जलाभिषेक कपिलेश्वर महोत्सव समिति द्वारा नगर के ऐतिहासिक कपिलेश्वर मंदिर समूह में विविध आयोजन होंगे। भगवान कपिकेश्वर महादेव की विशेष पूजा भी की जाएगी। कांवड़ियों के द्वारा रामघाट से जल लेकर भगवान कपिलेश्वर का जलाभिषेक किया जाएगा।

प्रदेश भर के शिवालय और प्रमुख स्थलों पर लगा रेला

पिछले दो सालों से कोरोना महामारी के कारण सूने रहे देवालय इस बार महाशिवरात्रि पर गुलजार हैं। राजधानी रायपुर में स्थिति बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर, महादेव घाट के हटकेश्वर नाथ, गरियाबंद के भूतेश्वर नाथ में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे। इस दौरान भक्तों ने महादेव का दूध, घी, दही व अन्य सामग्रियों से अभिषेक भी किया।

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