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बलौदाबाजार : जिलें में 277 मोर बालवाड़ी नर्सरी स्कूलों को होगा संचालन,16 जून से होगी शुरूआत

कलेक्टर ने की विभिन्न विभागों के कार्याे की समीक्षा,समय सीमा के भीतर कार्यं करने के दिए निर्देश

बलौदाबाजार,7 जून 2022

कलेक्टर डोमन सिंह ने आज राज्य सरकार की नवीनतम महत्वकांक्ष योजना मोर बालवाड़ी की तैयारियों का जायजा लिया। इसके तहत जिलें में 277 मोर बालवाड़ी (नर्सरी) विद्यालयों का चयन किया गया है। मोर बालवाड़ी का संचालन नये शैक्षणिक सत्र में 16 जून से  प्रारंभ की जायेगी। इसके तहत विकासखंड बलौदाबाजार में 42, भाटापारा 41, बिलाईगढ़ 75, कसडोल 44, पलारी 30 एवं सिमगा 45 मोर बालवाड़ी शामिल है। मोर बालवाड़ी में 5-6 वर्ष आयु के बच्चों को नर्सरी एलकेजी की शिक्षा इसमें दी जायेगी। उक्त योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान परिषद् रायपुर के द्वारा शिक्षा विभाग से कार्यक्रम समन्वयक एवं महिला बाल विभाग से दो महिला सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। कलेक्टर ने इस योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर के अधिकारियो को शासन से स्तर से प्राप्त विस्तृत दिशा निर्देश आज दिए है। साथ ही आज उन्होंने समय सीमा की बैठक में विभिन्न विभागों के कार्याे की विस्तृत समीक्षा की है। उन्होंने सभी जिला अधिकारियों को समय सीमा के भीतर कार्यं करने के निर्देश दिए है। उन्होनें कहा कि राजस्व एवं पंचायत विभाग के कार्य अधिक लंबित रहतें है। सम्बंधित अधिकारी कर्मचारी ऐसे कार्याे को सर्वाेच्च प्राथमिकता में लेते हुए समय सीमा के भीतर आवेदनों को निराकारण करनें के निर्देश सम्बंधित अधिकारियों को दिए है। इस कार्य में किसी भी प्रकार लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। साथ ही उन्होंने राज्य शासन की फ्लैगशिप योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पंहुचाने के निर्देश दिए है। मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना एवं फसल परिवर्तन में तेजी एवं गौठानो को अधिक सशक्त करनें के निर्देश दिए है। उन्होंने मुख्यमंत्री शहरी स्वास्थ्य स्लम योजना,पौनी पसारी, धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर, सुराजी गांव योजना,गौधन न्याय योजना,राजीव गांधी किसान न्याय योजना एवं उनका विस्तार,मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान,महतारी दुलार योजना,वन अधिकार पत्र वितरण जैसे अन्य योजनाओं का विस्तृत समीक्षा किए। उन्होंने कहा कि गौठानो को ग्रामीण आजीविका का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए है। इसके साथ ही सभी जिला अधिकारियों को अपने अपने स्तर में जनचौपाल लगाकर आवेदनों को निराकरण करने के निर्देश दिए गए है।

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