Site icon

नियमित छात्रों की तरह अनियमित (प्राइवेट) छात्रों को भी बोनस अंक व जनरल प्रमोशन देने का प्रावधान होना चाहिए

75

राजनांदगांव। जिस प्रकार इस कोरोना काल के संकट की परिस्थिति में छ.ग. शासन उच्च शिक्षा विभाग द्वारा नियमित  प्रथम व द्वितीय छात्रों को बोनस  अंक देकर जनरल प्रमोशन का  नियम अनुसार प्रावधान दिया गया है उसी प्रकार अनियमित  (प्राइवेट)   छात्रों को विश्वविद्यालय द्वारा कुछ समय पहले समस्त परीक्षाओं  की प्रायोगिक परीक्षा तथा फाईल हर वर्ष की तरह इस  वर्ष भी लिया गया है  सभी परीक्षाओं  की  समय  सारणी भी विश्वविद्यालय द्वारा घोषित कर दी गई थी लेकिन  छात्र पूर्ण रूप से परीक्षाओं के लिए मानसिक व शारीरिक रूप से तैयार थे परन्तु कोरोना वायरस  व  लॉकडाउन की वजह से परीक्षा निरस्त की गई जिससे छात्रों को मानसिक व शारीरिक  रूप से परेशान होना पड़ा जिस प्रकार कोरोना वायरस के बड़ते प्रकोप को देखते हुए परीक्षा ले पाना संभव नहीं है अत: उन  सभी प्रथम व द्वितीय वर्ष के छात्रो द्वारा शासन व विश्वविद्यालय से भेदभाव करने का आरोप लगाया है नियमित छात्रों की अपेक्षा प्राइवेट छात्रों की संख्या अत्यधिक है  जिस प्रकार  विश्वविद्यालय नियमित प्रथम व द्वितीय वर्ष के छात्रों को शासन व विश्वविद्यालय  द्वारा छ.ग. शासन व उच्च  शिक्षा विभाग  द्वारा यह निर्णय लिया गया था अत: छ.ग. के समस्त विश्वविद्यालय  से यह  मांग करते हुए कि समस्त अनियमित  (प्राइवेट)  छात्रों को बोनस  अंक प्रदान किया जाये । आदित्य पराते का कहना है परीक्षा का समय अप्रैल मई का महीना निकल चुका है  अत: अब छात्रों  को परीक्षा के लिए  कहना व दबाव डालना मानसिक रूप  से परेशान करना है छात्रों  के पढऩे की इच्छा शक्ति समाप्त हो चुकी है आज आदित्य पराते ने जिलाधीश महोदय से मिल कर छ.ग. के मुख्यमंत्री व उच्च शिक्षा मंत्री व समस्त विश्वविद्यालय के कुलपतियों के नाम जिलाधीश को  अनियमित  (प्राइवेट) छात्रों को भी बोनस  अंक देकर जनरल प्रमोशन देने के संबंध में ज्ञापन सौपा।

Exit mobile version