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धमतरी : पीएमएफएमई योजना के तहत बैंकों के उन्मुखीकरण को लेकर कार्यशाला हुई

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प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजना के तहत बैंकों के उन्मुखीकरण को लेकर कलेक्टर श्री पी.एस. एल्मा अध्यक्षता में गुरूवार 22 सितम्बर की शाम को बैठक आयोजित की गई, जिसमें पॉवरपाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से इसके नए प्रावधानों की जानकारी दी गई। बैठक में कलेक्टर ने आधारहीन कारणों से प्रकरणों को निरस्त किए जाने पर अप्रसन्नता व्यक्ति करते हुए बैंकर्स को निर्देशित किया कि प्रकरणों के निराकरण के लिए स्थल निरीक्षण करते हुए जिला रिसोर्स परसन के साथ समन्वय स्थापित करें तथा हितग्राही की बैंक औपचारिकताओं को डीआरपी के माध्यम से पूर्ण कराकर स्वीकृति एवं वितरण में तेजी लाएं।
कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित संक्षिप्त बैठक में महाप्रबंधक उद्योग श्री एसपी गोस्वामी ने बताया गया कि यह शासन की फ्लैगशिप योजना है जिसके तहत असंगठित खाद्य उद्यम क्षेत्र का मानकीकरण (फॉर्मलाइजेशन) किया जाएगा। उन्होंने बताया कि व्यक्तिगत उद्यमों में 10 लाख रूपए की सीमा तक अधिकतम 35 प्रतिशत का अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। योजना के नवीन प्रावधानों की जानकारी देते हुए महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग ने बताया कि योजना में ‘एक जिला, एक उत्पाद‘ को शिथिल किया गया है, अतः खाद्य प्रसंस्करण के सभी नवीन एवं मौजूदा सूक्ष्म उद्योग योजनांतर्गत पात्र होंगे। पूंजीगत अनुदान के अतिरिक्त तीन प्रतिशत ब्याज सबवेशन भी उपलब्ध है, साथ ही 650 का सि-बिल स्कोर मान्य होगा। बैठक में कलेक्टर ने बैठक में उपस्थित सभी बैंकर्स से ऋण प्रकरणों में डीआरपी से समन्वय स्थापित कर आवश्यक दस्तावेजों व अन्य औपचारिकताओं को पूर्ण कर प्रकरणों को यथाशीघ्र स्वीकृत करने के लिए भी निर्देशित किया। इस पर लीड बैंक मैनेजर श्री पी.के. रॉय ने समयावधि में लक्ष्य पूर्ण करने का आग्रह सभी बैंक शाखा प्रबंधकों से किया। इस अवसर पर रिजर्व बैंक की महाप्रबंधक सुश्री अदिति दुबे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी तक बैंकों के अधिकारी उपस्थित थे।

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