Site icon

उज्जैन में बाबा महाकाल ने मस्तक पर धारण किया चंद्र

mahakal.jpg

उज्जैन
महाकालेश्वर मंदिर में प्रातः काल 4:00 बजे होने वाली भस्म आरती में सबसे पहले भगवान ujjain mahakal को जल अर्पित कर उन्हें स्नान कराया गया. इसके बाद पंडे, पुजारियों द्वारा दूध ,दही ,घी ,शहद, पंचामृत से भगवान का अभिषेक किया गया. इसके पश्चात भगवान महाकाल (mahakal) का पंडे, पुजारियों द्वारा अद्भुत श्रृंगार किया गया. भगवान महाकाल को भस्मी अर्पित करके आरती की गई जिसमें बाबा महाकाल को फल और विभिन्न प्रकार की मिठाइयों का भोग लगाया गया.

बाबा महाकाल का राजा रूप में हुआ श्रृंगार
भगवान महाकाल का पंडे, पुजारियों द्वारा भांग, चंदन और उबटन से राजा के रूप में श्रृंगार किया गया. इसके बाद बाबा के मस्तक पर चांदी का चंद्र और काजू का टीका लगाया गया. भगवान महाकाल के श्रृंगार में काजू, बादाम, रुद्राक्ष, भांग, अबीर, कुमकुम सहित तमाम चीजों से बाबा को सजाकर राजा के रूप में तैयार किया गया. इसके अलावा भगवान को चांदी का छत्र,रुद्राक्ष की माला, फूलों की माला और कलरफुल वस्त्र पहनाये गये, फिर तमाम प्रकार के फल और मिठाइयों से भोग लगाया गया.

 

Exit mobile version