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हाईकोर्ट ने प्रदेश के 453 नर्सिंग कॉलेजों के रिकॉर्ड राज्य सरकार से मांगे

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जबलपुर

प्रदेश में नियम विरूद्ध संचालन नर्सिंग कॉलेजों के संचालन को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। हाई काेर्ट ने प्रदेश सरकार से 24 घंटे के अंदर सभी 453 नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता संबंधी रिकॉर्ड मांगे हैं। दरअसल जबलपुर लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन की याचिका पर हाईकोर्ट ने ये अहम आदेश दिया है। अगली सुनवाई 11 मई को होगी।

जबलपुर लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने याचिका में नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता शर्तों के खिलाफ कॉलेजों के संचालन को आधार बनाकर चुनौती दी है। एसोसिएशन का दावा है कि प्रदेश में कई नर्सिंग कॉलेज कार शोरूम और बारात घरों में संचालित हो रहे हैं। इसके फोटोग्राफ भी हाईकोर्ट में याचिका के साथ पेश किए गए हैं। नर्सिंग कॉलेजों की जांच रिपोर्ट पेश करने में सरकार की लेटलतीफी पर जबलपुर हाईकोर्ट ने नाराज़गी जताई है।

आवेदन से लेकर उनके निरीक्षण और मौजूदा इन्फ्रास्ट्रक्चर का मांगा है रिकॉर्ड

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और एमपी नर्सिंग काउंसिल को फटकार लगाते हुए प्रदेश के 453 नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड 24 घंटों में पेश करने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने एमपी नर्सिंग काउंसिल को आदेश दिया है कि वो तमाम नर्सिंग कॉलेजों के आवेदन से लेकर उनके निरीक्षण और मौजूदा इन्फ्रास्ट्रक्चर का पूरा रिकॉर्ड 24 घंटों में पेश करे। हाईकोर्ट मामले की अगली सुनवाई बुधवार 11 मई को तय की है। साथ ही तल्ख टिप्पणी की है कि यदि सरकार या नर्सिंग काउंसिल अगली सुनवाई में रिकॉर्ड पेश नहीं करती है, तो कोर्ट कोई कड़ा फैसला सुना सकती है।

नर्सिंग कॉलेज की बिल्डिंग में गाड़ियों का शोरूम

हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वाले जबलपुर लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने अलग-अलग नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता शर्तों के मुकाबले उनकी वास्तविक स्थिति के फोटोग्राफ पेश किए हैं। इनमें किसी नर्सिंग कॉलेज की बिल्डिंग में गाड़ियों का शोरूम तो किसी कॉलेज की बिल्डिंग में वर्कशॉप और कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स संचालित होता दिखाया गया है।

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