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आज से बदलेगा मौसम,1 दर्जन जिलों समेत कई संभागों में बारिश की चेतावनी

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भोपाल
 मध्य प्रदेश के मौसम में 24 घंटे बाद फिर बदलाव देखने को मिलेंगे। आज से नया सिस्टम एक्टिव होते ही मानसून ट्रफ लाइन पहले की स्थिति में आएगी, इसके प्रभाव से आज बाद फिर से बारिश का दौर शुरू हो जाएगा।

एमपी मौसम विभाग (MP Weather Forecast ) के अनुसार, वर्तमान में मानसून ट्रफ पंजाब, उत्तर प्रदेश के बहराइच, पटना, असम से होते हुए मणिपुर तक जा रहा है। मानसून ट्रफ के नीचे आने के कारण वातावरण में फिर नमी मिलने लगी है। इसके चलते बुधवार से मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में बारिश की गतिविधियों में तेजी आने लगेगी। विशेषकर रीवा, नर्मदापुरम, जबलपुर संभागों के जिलों में बौछारें पड़ सकती हैं।अगस्त के पहले सप्ताह में बंगाल की खाड़ी में कमजोर कम दवाब का क्षेत्र बनने से से ग्वालियर में 4-5 अगस्त के बीच बारिश हो सकती है।

एमपी मौसम विभाग (MP Weather Update ) के अनुसार, वर्तमान में हिंद महासागर के उदासीन होने के कारण बारिश की गतिविधियों में कमी दिखाई दे रही है। अरब सागर में चक्रवाती घेरा बनने के कारण आज से इंदौर में हल्की बारिश होगी और फिर 6 अगस्त तक बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने के बाद बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी।वही ग्वालियर में  बंगाल की खाड़ी में एक कमजोर कम दबाव का क्षेत्र विकसित हो रहा है, जिससे 4-5 वर्षा की संभावना बनेगी।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान

    अगस्त 2022 के दौरान, पूर्व मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के अनेक भागों मे तथा उत्तर पश्चिम के कुछ हिस्सों और दक्षिण आंतरिक प्रायद्वीपीय भारत में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है ।

    देश के शेष भागों में अधिकतम तापमान सामान्य से लेकर सामान्य से नीचे रहने की संभावना है । पूर्व मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों और उत्तर पश्चिम भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है ।
    उत्तर पश्चिम के अनेक भागों, पश्चिम मध्य और दक्षिण भारत में न्यूनतम तापमान सामान्य से लेकर सामान्य से नीचे रहने की संभावना है ।

    पूरे देश में अगस्त 2022 के लिए मासिक वर्षा सामान्य (दीर्घकालिक औसत (एलपीए) का 94 से 106%) होने की संभावना है ।

    दक्षिण पूर्व भारत, उत्तर पश्चिम भारत और आस-पास के पश्चिम मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से लेकर सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना है ।
    पश्चिम तट और पूर्व मध्य, पूर्व तथा पूर्वोत्तर भारत के अनेक भागों में सामान्य से नीचे बारिश होने की संभावना है ।

 

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