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बिशप पीसी सिंह को माडरेटर पद से हटाया गया

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जबलपुर
 एंग्लिकन चर्च आफ इंडिया की सचिव मधुलिका ज्वायसे ने आरोप लगाया है कि बिशप पीसी सिंह न सिर्फ मध्य प्रदेश बल्कि उत्तर प्रदेश में भी मतांतरण कराता रहा। इस कार्य में तमाम लोग उसके सहयोगी रहे हैं। पत्रकार वार्ता में मधुलिका ने कहा कि एंग्लिकन चर्च के नाम पर कुछ लोग स्वयं को एंग्लिकन का बिशप व मेट्रोपोलिटन बताकर चर्च की संपत्ति पर जबरन कब्जा कर रहे हैं।

चर्च आफ नार्थ इंडिया सीएनआइ इसी काम में लगी है जिसके मुखिया पीसी सिंह हैं। सिंह का अपने धर्म से कोई मतलब नहीं है बल्कि जगह-जगह घूमकर चर्च की बेशकीमती जमीनें बेचकर करोड़ों की काली कमाई कर रहे हैं। दिल्ली, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और मुंबई में कई बेशकीमती जमीनें पीसी सिंह व उसके लोगों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बेच दी। जिसे लेकर बिशप के खिलाफ एफआइआर भी दर्ज कराई जा चुकी है। बिशप के ताल्लुक अंडरवल्र्ड माफिया दाऊद इब्राहिम से होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। इधर, द चर्च आफ नार्थ इंडिया नई दिल्ली द्वारा बिशप पीसी सिंह को अयोग्य घोषित करते हुए माडरेटर पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह डिप्टी माडरेटर बीके नायक को माडरेटर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ईओडब्ल्यू द्वारा की गई कार्रवाई व गिरफ्तारी को लेकर पीसी सिंह के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।

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