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गर्भवती महिला से दुष्कर्म मामले में, दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा

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 रतलाम
 न्यायालय ने गर्भवती महिला से दुष्कर्म करने के मामले में अभियुक्त 27 वर्षीय शांतिलाल डाबी पुत्र बाबूलाल डाबी निवासी ग्राम नौगांवा को भादंवि की धारा 376 (2) (एच) में दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अभियुक्त पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया। फैसला पंचम अपर सत्र न्यायाधीश शैलेश भदकारिया ने सुनाया।

अभियोजन के अनुसार एक गांव की 23 वर्षीय गर्भवती महिला आठ जुलाई 2019 की शाम करीब साढ़े छह बजे घर के पास दीर्घशंका के लिए गई थी। तभी दूसरे गांव नौगांवा में रहने वाला अभियुक्त शांतिलाल डाबी वहां पहुंचा था व महिला से दुष्कर्म करने लगा था।

महिला के विरोध करने पर अभियुक्त शांतिलार डाबी ने हाथ से महिला का गला दबा दिया था। मुश्किल से गले से उसका हाथ हटाकर महिला जोर से चिल्लाई थी। महिला के चिल्लाने की आवाज सुनकर उसकी सास वहां पहुंची तो अभियुक्त शांतिलाल डाबी ने धमकी दी थी कि पुलिस में रिपोर्ट की तो जान से मार देगा। धमकी देकर वह भाग गया था। कुछ समय बाद महिला ने नामली पुलिस थाना जाकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर शांतिलाल डाबी को गिरफ्तार कर लिया था। प्रकरण में शासन की तरफ से पैरवी अपर लोक अभियोजक प्रवीण शर्मा ने की। जुर्माना जमा नहीं कराने पर शांतिलाल को जुर्माना की एवज में दो माह का कारावास भी भुगतना पड़ेगा।

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